Delhi Protest Venues: दिल्ली व्यापार महासंघ ने रामलीला मैदान को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है। महासंघ ने इस संबंध में सोमवार 12 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने रामलीला मैदान को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की मांग की है।
प्रदर्शन से यातायात और जरूरी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
महासंघ ने पत्र में कहा है कि रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर प्रदर्शन होने से आसपास के इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे अस्पतालों तक एंबुलेंस की पहुंच बाधित होने और जरूरी चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। संगठन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने और सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की संभावना को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
आसपास कई प्रमुख अस्पताल और मेडिकल संस्थान
पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि रामलीला मैदान के आसपास LNJP अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, गुरु नानक आई सेंटर और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान स्थित हैं। महासंघ का कहना है कि बड़े प्रदर्शनों के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ने से इन संस्थानों तक मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
थोक बाजारों और व्यापार पर भी पड़ सकता है असर
व्यापार महासंघ ने रामलीला मैदान के आसपास मौजूद थोक बाजारों का हवाला देते हुए कहा है कि बड़े प्रदर्शनों से सामान की आवाजाही बाधित हो सकती है। इसका असर व्यापारिक गतिविधियों और व्यापारियों की आजीविका पर पड़ने की आशंका है।संगठन के अनुसार, प्रदर्शन स्थल तय करते समय केवल आयोजन की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आसपास के बाजारों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
बाहरी दिल्ली में वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल तय करने की मांग
महासंघ ने मांग की है कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल तय किए जाएं। साथ ही, प्रदर्शन स्थलों को लेकर जोखिम का आकलन करने और अस्पतालों, बाजारों और जरूरी सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है। इस पत्र पर दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर के हस्ताक्षर हैं।
