दिल्ली के लाखों झुग्गीवासियों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई डूसिब (DUSIB) की 36वीं बोर्ड बैठक में ऐसा फैसला लिया गया, जिसका इंतजार वर्षों से किया जा रहा था। अब दिल्ली में 1 जनवरी 2025 तक स्थापित सभी पात्र झुग्गी बस्तियों के परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा।
4 से 5 लाख परिवारों को होगा फायदा
सरकार के इस फैसले से करीब 4 से 5 लाख परिवारों, यानी लगभग 20 लाख लोगों के लिए पक्के और सम्मानजनक घर का रास्ता खुल गया है। लंबे समय से पुरानी पात्रता तिथि के कारण हजारों परिवार सरकारी योजनाओं से बाहर रह जाते थे, लेकिन नई कट-ऑफ तिथि तय होने के बाद बड़ी संख्या में झुग्गीवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें -राम मंदिर दान विवाद: SIT ने यूपी सरकार को सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, लखनऊ कमिश्नर बोले- 15 दिनों में आएगी फाइनल रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ मकान देने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन देने का अभियान है। सरकार का लक्ष्य है कि ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ के संकल्प को जमीन पर उतारा जाए और पात्र परिवारों को उनकी मौजूदा बस्तियों या आसपास ही आधुनिक सुविधाओं वाले बहुमंजिला फ्लैट उपलब्ध कराए जाएं।
ये सुविधाएं मिलेंगी
नई पुनर्वास कॉलोनियों में सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों के खेलने के मैदान और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। सरकार पीपीपी मॉडल के जरिए इस परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
सरकार का दावा है कि यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi के “हर गरीब को पक्का घर” के विजन को दिल्ली में नई गति देगा और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा।
