Delhi News: दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने अपने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल शुरू की है। नए आदेश के तहत अब किसी भी पुलिसकर्मी या उसके परिवार के सदस्य को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान जरूरी इमरजेंसी ट्रीटमेंट सर्टिफिकेट लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
प्रमाण पत्र सीधे पुलिसकर्मी के घर या उस अस्पताल में पहुंचाए
डीसीपी सेंट्रल IPS रोहित राजबीर सिंह के दिशा निर्देश अनुसार एडिशनल डीसीपी (सेंट्रल) प्रशांत चौधरी द्वारा जारी आदेश में कहा है कि मेडिकल ब्रांच यह सुनिश्चित करेगी कि इमरजेंसी ट्रीटमेंट सर्टिफिकेट समय पर संबंधित कर्मचारी या उसके परिवार तक पहुंचाया जाए। इसके लिए जिला लाइन से तैनात स्टाफ या राइडर को जिम्मेदारी दी गई है कि वह बिना किसी देरी के प्रमाण पत्र सीधे पुलिसकर्मी के घर या उस अस्पताल में पहुंचाए, जहां इलाज चल रहा हो।
इलाज में देरी का सामना न करना पड़े
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पुलिसकर्मी को बीमारी या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इलाज में देरी का सामना न करना पड़े। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी समन्वय बनाकर इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की यह पहल पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।
स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए समय निकालना मुश्किल
अक्सर ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए समय निकालना मुश्किल होता है। ऐसे में यह व्यवस्था उन्हें बड़ी राहत देगी और जरूरत के समय त्वरित चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में मददगार साबित होगी। पुलिस महकमे में इस कदम को कर्मचारी हित में उठाया गया एक सकारात्मक फैसला माना जा रहा है, जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा और उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि कठिन समय में विभाग उनके साथ खड़ा है।
