Delhi Mayor election results : चुनाव कराने के तीन असफल प्रयासों के बाद आखिरकार दिल्ली को अपना मेयर मिल गया है। दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर में बुधवार को हुए मतदान में मेयर पद पर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार शैली ओबेरॉय विजयी हुईं। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मेयर पद पर शैली के जीत की घोषणा की। इस चुनाव में शैली को 150 वोट मिले। मेयर का चुनाव करने के लिए यह चौथी कोशिश थी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने मेयर का चुनाव कराने के लिए 22 फरवरी की तारीख निर्धारित की थी। सुबह 11 बजे निगम मुख्यालय में सदन की बैठक शुरू हुई।
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद हुआ चुनाव
मेयर पद के लिए आम आदमी पार्टी ने पू्र्वी पटेल नगर वार्ड से पार्षद शैली ओबराय को भाजपा ने शालीमार बाग से पार्षद रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था। मतदान शुरू होने के बाद उत्तर पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद हंसराज हंस ने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए मतदान शुरू हो गया है। भाजपा के पार्षद निष्पक्षता के साथ मतदान कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने अपनी जीत का दावा किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुए इस चुनाव में उप राज्यपाल की ओर से नामित सदस्यों ने मतदान नहीं किया।उप महापौर पद पर भी AAP का कब्जा
उप महापौर पद के चुनाव में आम आदमी पार्टी के आले मोहम्मद इकबाल ने जीत दर्ज की। इकबाल ने भारतीय जनता पार्टी के कमल बागड़ी को 31 मतों से पराजित किया। इकबाल को 147 वोट मिले जबकि बागड़ी को 116 मत मिले। उप महापौर निर्वाचित होने के बाद इकबाल ने कहा, ‘हमें बहुत काम करना है और पार्टी की दस गारंटी को पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।’मतदान से पहले AAP ने भाजपा पर कसा तंज
मेयर पद के चुनाव में कुल 274 वैध वोट हैं। कांग्रेस की ओर से मेयर पद के चुनाव का बहिष्कार किए जाने से उसके 9 पार्षदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में मतदान में कुल 265 पार्षदों ने हिस्सा लिया। इस चुनाव में भाजपा और आप के सांसदों और सभी नामित 14 सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वोटिंग शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी ने कहा, 'आज एक साल बाद दिल्ली को अपना मेयर मिलने जा रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि BJP बिना गुंडागर्दी किए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगी और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाएगी।'अप्रैल में फिर होगा नए मेयर का चुनाव
इस चुनाव की खास बात यह है कि जीत दर्ज करने वाला प्रत्याशी सिर्फ 31 मार्च तक के लिए ही महापौर के पद पर रहेगा। ऐसा एमसीडी एक्ट की वजह से है। एमसीडी एक्ट के मुताबिक दिल्ली में हर वित्तीय वर्ष में नए मेयर का चुनाव होता है जबकि दूसरे राज्यों में मेयर पांच साल के लिए चुने जाते हैं। एमसीडी के वित्तीय वर्ष की शुरुआत अप्रैल महीने से होती है और यह वित्तीय वर्ष हर साल 31 मार्च को समाप्त हो जाता है। दिल्ली नगर निगम के मेयर पद समुदाय के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एमसीडी एक्ट में इस तरह का प्रावधान किया गया है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
