Delhi NCR AQI: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गुरुवार सुबह राजधानी के ज्यादातर इलाकों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जहरीली हवा के चलते स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं और प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं।
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर बना हुआ है। गुरुवार सुबह 6 बजे अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो कि रेड जोन की श्रेणी में आता है।
समीर ऐप से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 356 रहा। वहीं आनंद विहार में सबसे खराब स्थिति देखने को मिली, जहां AQI 415 तक पहुंच गया।
बुधवार की तुलना में गुरुवार को प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ गया। आनंद विहार का AQI 341 से बढ़कर 415, विवेक विहार का 353 से बढ़कर 410 और वजीरपुर का AQI 361 से बढ़कर 404 दर्ज किया गया। राजधानी के लगभग सभी इलाकों में AQI में बढ़ोतरी देखी गई है।
बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्लीवासियों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंखों में जलन, गले में खराश, सांस की तकलीफ के साथ-साथ चिड़चिड़ापन और नींद न आने की समस्या भी आम हो गई है।
जहरीली हवा का असर अस्पतालों में साफ दिखाई दे रहा है, जहां मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विशेषज्ञों ने जरूरी होने पर ही बाहर निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है। दिल्ली के चार इलाकों में AQI 400 से ऊपर डार्क रेड जोन में है, जबकि 31 इलाके रेड जोन में शामिल हैं।
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम लागू करना अनिवार्य होगा। निजी कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, शेष को घर से काम करना होगा। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
GRAP-3 और GRAP-4 लागू रहने के दौरान BS-6 से कम और दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी BS-3 और उससे पुराने वाहनों को दी गई राहत समाप्त कर दी है, जिससे अब कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।