Delhi AQI Update: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इस समय कोहरे और ठंड की दोहरी मार के साथ गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में भी है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह की शुरुआत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ हुई है। वहीं शहर की जहरीली हवा में लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में हालात बेहद चिंताजनक बनी हुई है। आगामी दिनों में भी शहर की स्थिति में अधिक सुधार होने की संभावना नहीं है।
वहीं ठंड और आज के तापमान की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दिन कोल्ड वेव के साथ सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जबकि पूर्वाह्न तक भी घने कोहरे की स्थिति बनी रही। नमी का स्तर सुबह 95 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह है। दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से 400 के पार दर्ज किया गया है। चांदनी चौक में एक्यूआई 374, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 375, रोहिणी में 374, पंजाबी बाग में 371, पटपड़गंज में 372, ओखला फेज-2 में 382 और नेहरू नगर में 399 तक पहुंच गया। आनंद विहार 363, अशोक विहार 367, बवाना 362 और पूसा क्षेत्र में एक्यूआई 404 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा
नोएडा की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। सेक्टर-125 में एक्यूआई 343, सेक्टर-62 में 331, सेक्टर-1 में 361 और सेक्टर-116 में 359 रिकॉर्ड किया गया है। गाजियाबाद के हालात और ज्यादा चिंताजनक हैं, जहां लोनी में एक्यूआई 405, वसुंधरा में 407, संजय नगर में 331 और इंदिरापुरम में 299 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली और नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो रहे हैं।
17 जनवरी को कैसा रहेगा मौसम का हाल
17 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। इस दिन मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, हालांकि मौसम विभाग ने किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की है। 18 जनवरी को भी तापमान 7 से 23 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
प्रदूषण और ठंड का कहर
ठंड और प्रदूषण के इस दोहरे प्रहार का सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क का प्रयोग करने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक एनसीआर के लोगों को कोहरे, ठंड और प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
(इनपुट - आईएएनएस)
