दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को आधुनिक, अधिक सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के तहत सड़क निर्माण और रखरखाव में वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे हरियाली बढ़ाई जाएगी और धूल व प्रदूषण को कम करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सड़कों को मिलेगा स्मार्ट और ग्रीन मेकओवर
दिल्ली सीएमओ के अनुसार, सोमवार को लोक निर्माण विभाग (PWD), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के बीच एक समझौते (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए। जिसके तहत दिल्ली की सड़कों के निर्माण, रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए एक मानक ढांचा तैयार किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य सड़कों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना, हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ नई सड़कों के निमार्ण पर ही नहीं है, बल्कि वह एक ऐसा सड़क तंत्र विकसित करना चाहती है जो पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और आधुनिक हो। बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अब सड़कों का रखरखाव पारंपरिक तरीकों के बजाय वैज्ञानिक और डेटा आधारित प्रणाली के जरिए किया जाएगा।
दिल्ली में पहली बार बनेगा रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम
इस समझौते के तहत दिल्ली में पहली बार रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (RAMS) विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से सड़कों की स्थिति, ट्रैफिक का दबाव, उनकी मजबूती, मरम्मत की जरूरत और उपयोग अवधि का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। सरकार का मकसद दिल्ली को धूल-मुक्त सड़कों वाला शहर बनाना भी है। इसके लिए सड़कों के किनारे वैज्ञानिक तरीके से ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। स्थानीय पौधों और पेड़ों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा बारिश के पानी का संचयन और बेहतर जल निकासी व्यवस्था भी बनाई जाएगी।
इस समझौते के तहत CSIR-CRRI सड़क इंजीनियरिंग, सड़क सुरक्षा और तकनीकी सहायता देगा। वहीं SPA शहरी डिजाइन, हरित बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्थानों के विकास में मदद करेगा। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को बेहतर बुनियादी ढांचे, स्वच्छ वातावरण और स्मार्ट सड़क नेटवर्क वाला शहर बनाना है।
