दिल्ली : राजधानी दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में अब अनुशासन को लेकर सख्त कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब हर अधिकारी और कर्मचारी को बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के जरिए ही अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यह नियम छोटे कर्मचारियों से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागाध्यक्ष तक सभी पर समान रूप से लागू रहेगा।
समय की पाबंदी पर सख्ती
नई व्यवस्था के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तय समय तक कार्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय से पहले दफ्तर छोड़ने या अनुपस्थित रहने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे कामकाज की गति तेज होगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
रोज बनेगी अटेंडेंस रिपोर्ट
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) रोजाना अटेंडेंस रिपोर्ट तैयार करेगा और दोपहर 12 बजे तक प्रमुख सचिव को भेजेगा। वहीं, हर महीने की समेकित रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी। इससे विभागों में उपस्थिति की नियमित निगरानी हो सकेगी।
अफसरों पर भी समान नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों को भी बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी दर्ज करनी होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों लिया गया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, हाल में निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित पाए गए थे। इसके बाद सरकार ने प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।
- सभी दफ्तरों में बायोमेट्रिक सिस्टम अनिवार्य
- रोजाना अटेंडेंस मॉनिटरिंग
- देरी या अनुपस्थिति पर कार्रवाई
- अधिकारी और कर्मचारी पर समान नियम
- मासिक रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री तक
सरकार का मानना है कि इस फैसले से दफ्तरों में समयबद्धता बढ़ेगी, फाइलों का निपटारा तेज होगा और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। इससे समय से काम संपन्न होगा और लोगों को अपने काम के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
