दिल्ली एयरोसिटी बनेगा मेट्रो का सुपर जंक्शन, एयरपोर्ट पहुंचना होगा और भी आसान
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 31, 2026, 08:25 PM IST
दिल्ली मेट्रो का दिल्ली एयरोसिटी स्टेशन भविष्य में राजधानी के सबसे अहम परिवहन केंद्रों में से एक बनने जा रहा है। फेज-4 की गोल्डन लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के जुड़ने से यह स्टेशन बड़े इंटरचेंज हब के रूप में विकसित होगा। इस विस्तार से दक्षिण दिल्ली से एयरपोर्ट के विभिन्न टर्मिनलों तक यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
दिल्ली एरोसिटी मेट्रो स्टेशन बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के तौर होगा विकसित (सिंबॉलिक फोटो)
Delhi Aerocity Metro Station: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर स्थित दिल्ली एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन को एक बड़े इंटरचेंज केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में यह स्टेशन मेट्रो नेटवर्क का अहम जंक्शन बनेगा, क्योंकि इसे फेज-4 के तहत निर्माणाधीन तुगलकाबाद–एयरोसिटी गोल्डन लाइन (जिसे पहले सिल्वर लाइन कहा जाता था) से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में गोल्डन लाइन को एयरोसिटी से आगे बढ़ाकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 तक ले जाने के लिए 2.263 किलोमीटर लंबे हिस्से को मंजूरी दी गई है। यह पूरा विस्तार भूमिगत होगा, जिससे दक्षिण दिल्ली से एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल तक यात्रियों को सीधी, तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन पर ट्रिपल इंटरचेंज
आने वाले समय में दिल्ली एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज के रूप में विकसित किए जाने की संभावना है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) की ओर से प्रस्तावित अलवर कॉरिडोर के लिए भी यहां इंटरचेंज की सुविधा देने की योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के निर्माण में अभी से आवश्यक संरचनात्मक इंतजाम किए जा रहे हैं। गोल्डन लाइन और एनसीआरटीसी का कॉरिडोर एक-दूसरे को क्रॉस करेंगे, हालांकि भविष्य में दोनों के बेहतर तालमेल के लिए डिजाइन पहले से तैयार रखा गया है।
लंबाई करीब 290 मीटर होगी
नए एयरोसिटी स्टेशन पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और गोल्डन लाइन के बीच प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म (एक दिशा में) और कॉनकोर्स-टू-कॉनकोर्स पेड एरिया के जरिए सीधा संपर्क होगा। इससे यात्रियों को लाइन बदलने में न्यूनतम समय और अधिक सुविधा मिलेगी। गोल्डन लाइन का प्लेटफॉर्म लगभग 22 मीटर की गहराई पर बनेगा और इसकी लंबाई करीब 290 मीटर होगी, जो सामान्य इंटरचेंज स्टेशनों से अधिक है, जहां प्लेटफॉर्म आमतौर पर 260 मीटर तक के होते हैं।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना से दक्षिण दिल्ली के कई क्षेत्रों जैसे तुगलकाबाद, अंबेडकर नगर, खानपुर, महिपालपुर, वसंत कुंज, छतरपुर और साकेत को सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों से एयरपोर्ट के सभी टर्मिनलों तक पहुंच अब ज्यादा तेज और आसान हो सकेगी। विशेष रूप से टर्मिनल-1 जाने वाले यात्रियों को गोल्डन लाइन के माध्यम से सीधा कनेक्शन मिलेगा। वहीं, अन्य टर्मिनलों की यात्रा करने वाले यात्री गोल्डन लाइन से एयरोसिटी पहुंचकर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से आगे जा सकेंगे। कुल मिलाकर, यह योजना दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और एयरपोर्ट यात्रा को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
(इनपुट - आईएएनएस)
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