कनॉट प्लेस पर भड़की हिंसा; मामूली विवाद ने छीनी व्यवसायी की जिंदगी, हेलमेट बना घातक हथियार
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Feb 3, 2026, 09:25 PM IST
दिल्ली के मशहूर कनॉट प्लेस में देर रात एक 36 वर्षीय व्यवसायी की सड़क पर हुई हिंसक घटना उसके लिए घातक साबित हुई। मामूली विवाद के बाद कथित रूप से उसके सिर पर हेलमेट से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुआ और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।
कनॉट प्लेस में देर रात जानलेवा हमला (प्रतीकात्मक फोटो)
Delhi News: दिल्ली की फेमस जगहों में से एक कनॉट प्लेस में देर रात टहलना 36 वर्षीय व्यवसायी के लिए घातक साबित हुआ। बताया जा रहा है कि मामूली कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसके सिर पर हेलमेट से कई बार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। मृतक शिवम गुप्ता इकलौता बेटा था। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में रहने वाला शिवम 2 जनवरी की रात अपने एक मित्र के साथ मध्य दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस में एक पार्टी में शामिल होने गया था। पार्टी के बाद जब वह बाहर निकला, तो राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास ई-ब्लॉक के नजदीक उसने एक कंपनी के प्रतिनिधि से पानी मांगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कंपनी के प्रतिनिधि ने शिवम के सिर पर हेलमेट से हमला किया, जबकि उसके साथ मौजूद दो अन्य लोगों ने उसे मुक्कों और लातों से पीटा। हमले में गंभीर रूप से घायल शिवम को अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
रात लगभग डेढ़ में मिली पुलिस को सूचना
तीन जनवरी की रात लगभग डेढ़ बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि सड़क पर एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में बेहोश पड़ा है और उसके शरीर से खून बह रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिवम को तत्काल नजदीकी लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि शिवम के शरीर के कई हिस्सों में खून जमने की समस्या पाई गई है और उसकी हालत इतनी नाज़ुक थी कि वह बयान देने की स्थिति में नहीं था।
शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान
शिवम के पिता अनिल कांत गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा दो जनवरी की शाम घर से एक पार्टी में जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि वह लगातार अपने बेटे से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन फोन बंद या अनुत्तरित रहा। कुछ समय बाद पुलिस की ओर से उन्हें सूचना मिली कि शिवम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने शिवम के शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान देखे। उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी, वह खून की उल्टी कर रहा था और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहा था। उन्होंने बताया कि बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों से उसे किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने की गुहार भी लगाई गई।
चिकित्सकों ने क्या बताया?
चिकित्सकों की टीम ने तुरंत शिवम को विशेष निगरानी और इलाज के लिए स्थानांतरित करने की सिफारिश की। इसके बाद उसे चार जनवरी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और पांच जनवरी को उसकी सर्जरी की गई। शिवम के पिता ने बताया, “डॉक्टरों ने साफ तौर से हमें बताया कि चोटें गंभीर और जानलेवा हैं, इसलिए तुरंत ऑपरेशन करना जरूरी था। ऑपरेशन के बाद कहा गया कि अगले 36 से 72 घंटे उसके जीवन के लिए अत्यंत जरूरी होंगे।”
इकलौता बेटा था शिवम
पिता ने आगे कहा, “कुछ समय तक उसकी हालत में सुधार दिखाई दिया और वह चिकित्सकों के बुलाने पर प्रतिक्रिया दे रहा था। हमें उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएगा, लेकिन 19 जनवरी को उसने हमें छोड़ दिया।” शिवम के पिता, 61 वर्षीय अनिल कांत गुप्ता, जो पहाड़गंज इलाके में दो दुकानें चलाते हैं, ने कहा कि शिवम उनका इकलौता बेटा और परिवार का एकमात्र सहारा था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने खुद थाने जाकर घटना के सीसीटीवी फुटेज देखे, जिनमें उनका बेटा जमीन पर पड़ा था और उसका मित्र उसके पास खड़ा दिखाई दे रहा था।
पिता ने लगाया पुलिस पर आरोप
पिता ने आरोप लगाया, “मैंने पुलिस के साथ मिलकर घटना से जुड़े कई सीसीटीवी फुटेज देखे। पुलिस ने मुझे बताया कि मेरे बेटे ने कंपनी के एक प्रतिनिधि से पानी मांगा था, इसी दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। गुस्से में आकर उस व्यक्ति ने बार-बार मेरे बेटे के सिर पर हेलमेट से हमला किया। शिवम बेहोश होकर जमीन पर गिर गया और उसका मित्र वहीं उसके पास खड़ा था। मुझे समझ नहीं आता कि पुलिस ने हमें इस पूरी घटना की सही जानकारी क्यों नहीं दी।” पुलिस ने पार्किंग क्षेत्र के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी की। स्थल से खून से सने नमूनों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। इसके साथ ही पास के नियंत्रण कक्ष के सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में लाए गए। जांच अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से मामले में काफी प्रगति हुई है।
हेलमेट का इस्तेमाल हथियार के रूप में किया गया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभ में इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 3(5) (सामान्य इरादे से अपराध) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आगे की जांच में आवश्यक होने पर और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका जानने के लिए जांच जारी है। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “वह केवल एक पार्टी में गए था, लेकिन वापस कभी लौटकर नहीं आया। हेलमेट का इस्तेमाल हथियार के रूप में किया गया और इसी कारण उनकी मौत हो गई। हम चाहते हैं कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई हो ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।”
(इनपुट - भाषा)
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