Gandhinagar Digital Arrest: गुजरात के गांधीनगर से CDI की टीम ने डिजिटल अरेस्ट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह देश का अभी तक का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट है। पुलिस ने बताया की साइबर ठगों ने एक महिला डॉक्टर को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट कर 19.34 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर साइबर ठगी को अंजाम दिया। बता दें कि एक तरफ गुजरात में साइबर ठगी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ गांधीनगर में ठग एक बड़ी वारदात को अंजाम देने में लगे हुए थे। इस घटना के सामने आने पर पूरे गुजरात में खलबली मच गई है।
3 महीने तक महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि साइबर बदमाशों ने महिला डॉक्टर को 2 दिन या एक हफ्ता नहीं बल्कि 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और डरा-धमका कर उसके अकाउंट से करीब 30 अकाउंट में 19.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने बताया कि महिला को 15 मार्च 2025 को एक कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को दूरसंचार विभाग का बताया और महिला को कहा कि उनके सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए जाएंगे, क्योंकि उनके फोन से कई लोगों को बार-बार अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं।
इतना ही नहीं बदमाश ने यह भी कहा कि महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है और इसके लिए भारत सरकार के फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन) अधिनियम और पीएमएलए (धन शोधन निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। महिला को और डराने के लिए यह भी कहा कि सादे कपड़ों में कई पुलिसकर्मी उनके घर के आसपास तैनात हैं। इसके बाद लगातार पुलिस और वकीलों के कॉल के साथ एक धमकी भरा पत्र भी भेजा गया। जिसमें लिखा था कि "अगर इस अपराध से बचना है तो संपत्ति और सारी संपत्तियों की जानकारी दे दो..." यह कहकर महिला से सारा ब्यौरा मांगा गया।
एक आरोपी गिरफ्तार
इस प्रकार महिला इतनी डर गई कि उन्होंने सोने पर लोन किया, एफडी तुड़वाई और तरह-तरह से पैसे जुटाकर आरोपियों को 19.24 करोड़ रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए। ठगों ने महिला को पैसे वापस मिलने की भी बात कही थी। ठगी का अंदाजा लगने पर महिला ने पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद साइबर क्राइम की चार टीमें बनाई, उन्होंने अलग-अलग जांच कर सूरत से लालजीभाई जयंतीभाई बदलानिया नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के बैंक अकाउंट में 1 करोड़ रुपये जमा करवाए गए थे। पुलिस अन्य बैंक खातों की भी जांच कर रही है जो देश के अलग-अलग राज्यों में है। पुलिस ने बताया कि यह एक बड़ा डिजिटल अरेस्ट मामला बन गया है।
