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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, पूरे राज्य का सर्वे करेगी 5 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी; CM साय ने दिया बड़ा अपडेट

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इसकी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है और राज्यभर के सामाजिक व आर्थिक पहलुओं का अध्ययन करेगी।

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सीएम विष्णु देव साय (फाइल फोटो- PTI)

Photo : PTI

Chhattisgarh Uniform Civil Code: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में 26 जून से गठित समिति ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है। सरकार के अनुसार, यूसीसी के प्रारंभिक ड्राफ्ट और उससे जुड़े विभिन्न कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर अब तेजी से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी निर्धारित नियमों के अनुरूप आगे बढ़ रही है।

कानून के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन जारी

सीएम ने आगे कहा कि सरकार इस कानून के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है, ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। सीएम ने जानकारी दी कि जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति यूसीसी का प्रारूप तैयार करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।

हाई लेवल समिति में कुल पांच सदस्य शामिल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए गठित हाई लेवल समिति में कुल पांच सदस्यों को शामिल किया गया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके अलावा समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। यह समिति पूरे राज्य का दौरा कर सामाजिक, आर्थिक और अन्य आवश्यक पहलुओं का अध्ययन करेगी, जिसके आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

भ्रम पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई

इधर, प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर यदि कोई व्यक्ति या संगठन गलत जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और उनके अधिकारों की पूरी तरह रक्षा करेगी। यूसीसी लागू होने के बाद भी आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

समीक्षा के आधार पर आगे की कार्यवाही तय

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समिति पूरे छत्तीसगढ़ का दौरा कर सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का व्यापक अध्ययन करेगी। इस सर्वेक्षण और विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूसीसी को लागू करने की प्रक्रिया की शुरुआत हुई है और प्रारंभिक स्तर पर सर्वे व मसौदा तैयार करने का काम किया जा रहा है। राज्य में समान नागरिक संहिता कब से लागू होगी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम तारीख निर्धारित नहीं की गई है।

क्या है समान नागरिक संहिता (यूसीसी)?

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था है, जिसका लक्ष्य देश के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता लाना है। इसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और दत्तक ग्रहण जैसे पारिवारिक मामलों में धर्म, जाति या लिंग के आधार पर अलग-अलग नियमों के बजाय एक समान कानून लागू करने का प्रावधान किया जाएगा। इसका मकसद सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और एकरूप कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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