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भूपेश बघेल साबित होंगे तुरुप का इक्का? कांग्रेस ने काका के नाम पर लगाया OBC कार्ड पर दांव

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Dec 2, 2023, 01:13 PM IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर एग्जिट पोल आ चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है। इस पर राज्य के मुखिया भूपेश बघेल का कहना है कि इस बार फिर से कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।

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छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल (Image Credit - Twitter)

KEY HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस के तुरुप का इक्का बन सकते हैं बघेल
  • ओबीसी समुदाय को साधने की कोशिश कर रही कांग्रेस
  • एग्जिट पोल में कांग्रेस ने बनाई बढ़त

Chhattisgarh Exit Poll 2023: इन दिनों विधानसभा चुनाव को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। इस बीच गुरुवार को 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल भी सामने आ गए हैं। इन एग्जिट पोल की मानें तो मध्य प्रदेश और राजस्थान कांटे की टक्कर है। वहीं, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। ऐसे में एक बार फिर से भूपेश बघेल को प्रदेश की कमाम मिल सकती है।

90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 53 सीटें मिलती दिख रही है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत के आंकड़ों के काफी करीब माना जा रहा है। ऐसे में अगर यह एग्जिट पोल सही साबित होता है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने से कोई रोक नहीं पाएगा। लेकिन अगर अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो उस हिसाब से ये चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद खास होने वाला है।

ओबीसी कार्ड का पत्ता खोल सकती है कांग्रेस

इस बार होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के दौरान जाति जनगणना और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को जमकर उठाया था। ऐसे में पार्टी जातिगत समीकरण को साधते हुए दलित-ओबीसी वोटर्स को अपने पाले में लाना चाहती है, जो आने वाले लोकसभा चुनाव में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

OBC के लिए तुरुप का इक्का बन सकते हैं भूपेश बघेल

कांग्रेस की चुनावी कोशिश में भूपेश बघेल काफी अहम भूमिका निभा सकते हैं। वह ओबीसी के नए पोस्टर बॉय के रूप में नजर आ सकते हैं। इसका मुख्य कारण है कि छत्तीसगढ़ की 42 फीसदी आबादी ओबीसी समुदाय से आती है और बीते छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में 22 विधायक ओबीसी समुदाय से ही चुने गए थे। वहीं, 11 सीटों वाली छत्तीसगढ़ में पांच सीटें ओबीसी सांसदों के पास हैं।

क्या बीजेपी को टक्कर दे पाएगी कांग्रेस

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ में ओबीसी समुदाय का भी बोलबाला देखा जा सकता है। यानी कि छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में ओबीसी समुदाय की भारी उपस्थिति है। ऐसे में अगर कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर देना चाहती हैं तो उसे ओबीसी समुदाय को अपने पाले में खींचना होगा और इसमें पार्टी के लिए भूपेश बघेल तुरुप के इक्के का काम कर सकते हैं।

भूपेश बघेल का दावा - 75 सीटें जीतेगी कांग्रेस

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर आए एग्जिट पोल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि उन्हें जनता पर पूरा भरोसा है। इस बार फिर से कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार बना रही है। उन्होंने पूरे जोश के साथ कहा कि चुनावी नतीजे आने दीजिए, फिर देखिएगा.. ये 57 का आंकड़ा 75 में बदल जाएगा। कांग्रेस पार्टी फिर से बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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