चण्डीगढ़

पंजाब के होशियारपुर में NRI और केयर टेकर की हत्या, इस हालत में मिली डेडबॉडी

पंजाब के होशियारपुर में तेज धारदार हथियार से हमला कर एक एनआरआई और उसकी महिला केयर टेकर को मौत के घाट उतार दिया गया।

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होशियारपुर में डबल मर्डर (फोटो-Istock)

होशियारपुर : एक प्रवासी भारतीय (एनआरआई) और उनके घर में देखभालकर्ता के रूप में काम करने वाली एक महिला मृत अवस्था में पाए गए। दोनों के शरीर पर तेजधार हथियारों से किए गए हमलों के निशान थे। पुलिस को संदेह है कि उनकी हत्या की गई है। यह घटना तब सामने आई जब सोहन सिंह अपनी बहन मनजीत कौर (46) से मिलने मोरांवाली पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि घर का मुख्य गेट बंद है तो उन्होंने बहन को कई बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंचे और खिड़की से झांककर देखा तो उन्हें अपनी बहन और संतोष सिंह (60) के शव दिखाई दिए।

तेजधार हथियारों से हमला

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से पुलिस ने बताया कि दोनों के शरीर पर तेजधार हथियारों से किए गए हमलों के निशान हैं। संतोष सिंह दो-तीन महीने पहले ही कनाडा से लौटे थे और मोरांवाली स्थित अपने घर में रह रहे थे जबकि मनजीत पिछले तीन वर्षों से वहीं देखभालकर्ता के रूप में रह रही थीं। होशियारपुर के पुलिस अधीक्षक (जांच) मुकेश कुमार ने बताया कि शवों की स्थिति को देखते हुए हत्या मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि मनजीत के परिजनों की उनसे आखिरी बातचीत मंगलवार शाम को हुई थी।

फॉरेंसिक टीम कर रही जांच

कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुला लिया गया है। हमें परिवार से जो सुराग मिले हैं उनके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को शीघ्र ही पहचानकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गढ़शंकर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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