Pappu Yadav News: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने नेताओं व महिलाओं से जुड़े अपने बयान के लिए माफी मांगी है। पप्पू यादव गुरुवार को नालंदा पहुचे जहां उन्होंने दुष्कर्म के बाद पीड़िता द्वारा की गई सुसाइड के परिवार से मुलाकात कर 25 हजार की सहायता राशि दी। 13 दिन पूर्व नालंदा थाना क्षेत्र के कपटसरी गांव में पिता के सामने पिस्तौल की नोक पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना अंजाम दिया गया था। उसके बाद पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पप्पू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कहा कि यह आपके समाज की बेटी थी इसे तो इंसाफ दिला दीजिए नहीं तो हम इसकी लड़ाई का सदन में लड़ेंगे।
महिलाओं से मांगी माफी
उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर दिए गए बयान पर कहा कि हमने नेताओं के खिलाफ बयान दिया था जो महिलाओं को गिद्ध की नजर से देखते हैं। इसका खुलासा सदन में भी हुआ और एक अखबार के स्टिंग ऑपरेशन में भी हुआ मगर किसी पर नोटिस नहीं हुआ। सिर्फ पप्पू यादव को नोटिस जारी हुआ, क्योंकि पप्पू यादव महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला है इसी लिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम कोर्ट जाएंगे और अगर किसी महिलाओं को हमारे बयान से ठेस पहुंची है तो हम उनसे माफी मांगते है।
पप्पू यादव को जारी हुआ था नोटिस
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया राहटकर ने पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए मंगलवार को इसे आपत्तिजनक, असंवेदनशील और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बताया।
उन्होंने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'यह बयान अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। यह एक संकीर्ण और भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जो महिलाओं के अधिकारों को सीमित करना चाहती है। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।' उन्होंने यादव से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की थी।
यादव ने क्या बयान दिया था?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पूर्णिया से निर्दलीय सांसद महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर पत्रकारों से कहते हैं कि ’90 प्रतिशत महिलाएं किसी नेता के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं।’ सांसद ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल ’इस तथ्य को उजागर किया कि कई महिलाएं उन लोगों द्वारा शोषित की जाती हैं जिन्हें वे अपना मार्गदर्शक मानती हैं।’
