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'सरेंडर करने वालों पर चल रही गोली, सम्राट चौधरी इलेक्टेड नहीं 'सेलेक्टेड' CM', बिहार सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी यादव

Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'फेक एनकाउंटर' बताया है और कहा कि अपराधियों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है।

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामला

Photo : Times Now Digital

Bharat Bhushan Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में पिछले सप्ताह हुई एक पुलिस मुठभेड़ ने सूबे की सियासत से लेकर देश की शीर्ष अदालत तक हलचल पैदा कर दी है। 17 जून को बिलौती गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद विपक्ष सम्राट चौधरी सरकार पर हमलावर है। बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि उनसे बिहार राज्य संभल नहीं रहा है और पूरा प्रशासनिक तंत्र फेल हो चुका है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया, "बिहार में भरत तिवारी का फेक एनकाउंटर किया गया है। जो लोग सरेंडर करना चाहते हैं, यह सरकार उन पर भी गोलियां चलवा रही है।" उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जबकि निर्दोषों और अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी को जनता द्वारा चुना हुआ नहीं, बल्कि 'सेलेक्टेड' सीएम करार दिया।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एनकाउंटर का मामला

इस बीच, यह कथित मुठभेड़ अब कानूनी पचड़े में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा एक याचिका दायर की गई है, जिसमें भरत भूषण तिवारी की मौत को "कथित न्यायेतर हत्या" (Extrajudicial Killing) बताते हुए इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाए या फिर मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी जाए।

परिजनों का दावा है कि भरत भूषण ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। इस मामले को सोमवार को जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध भी किया गया है। हालांकि, चौतरफा दबाव के बीच बिहार सरकार ने शनिवार को ही इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा कर दी थी, लेकिन विपक्ष और याचिकाकर्ता अब भी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग पर अड़े हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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