भोपाल

Ramadan 2023 Sehri and Iftar Time Table in Bhopal: भोपाल में सहरी और इफ्तार की टाइमिंग क्या है...यहां देखें टाइम टेबल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2023, 08:21 PM IST

Sehri and Iftar Time Table in Bhopal, Ramadan 2023 Iftar & Sehri Timings in Bhopal: रमजान के पाक महीने की शुरुआत के साथ ही मुस्लिम भाई-बहन रोजा रखना भी शुरू कर देंगे। यहां हम आपको सहरी और इफ्तार की टाइमिंग बता रहे हैं।

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रमजान के महीने में भोपाल में सहरी और इफ्तार की टाइमिंग

Photo : IANS

Sehri and Iftar Time Table in Bhopal, Ramadan 2023 Iftar & Sehri Timings in Bhopal: रमजान खुदा की इबादत का महीना होता है। यह महीना जरूरतमंदों की मदद का होता है। कहते हैं कि नेकियों से खुश होकर इस महीने खुदा रहमतों की बारिश करता है। इस बार मुस्लिमों का यह पाक महीना कल यानी गुरुवार से शुरू हो सकता है। माना जा रहा है कि आज रात चांद का दीदार होने के साथ ही रमजान लग जाएगा और कल से मुस्लिम भाई-बहन रोजा रखेंगे। हालांकि, इस बार रोजा के सहरी और इफ्तार के टाइमिंग को लेकर बहुत कंफ्यूजन है। यहां हम आपको बता रहे हैं भोपाल में रमजान कब से शुरू हो रहे हैं और सहरी और इफ्तार की टाइमिंग क्या है?

Bhopal Ramadan Calendar 2023 Sehri & Iftar Timing (भोपाल रमजान कैलेंडर 2023 सहरी-इफ्तार टाइमिंग)

तारीख सहरी (AM)इफ्तार (PM)
24 मार्च 202305:0518:36
25 मार्च 2023 05:0418:37
26 मार्च 202305:0318:37
27 मार्च 202305:02 18:37
28 मार्च 202305:01 18:38
29 मार्च 202305:0018:38
30 मार्च 2023 04:5918:39
31 मार्च 2023 04:5818:39
01 अप्रैल 2023 04:57 18:39
02 अप्रैल 202304:5518:40
03 अप्रैल 202304:5418:40
04 अप्रैल 202304:5318:40
05 अप्रैल 202304:5218:41
06 अप्रैल 202304:5118:41
07 अप्रैल 202304:50 18:42
08 अप्रैल 202304:4918:42
09 अप्रैल 202304:4818:42
10 अप्रैल 202304:4718:43
11 अप्रैल 2023 04:4618:43
12 अप्रैल 202304:4518:44
13 अप्रैल 202304:4418:44
14 अप्रैल 202304:4318:44
15 अप्रैल 2023 04:4218:45
16 अप्रैल 202304:4118:45
17 अप्रैल 202304:4018:46
18 अप्रैल 202304:3918:46
19 अप्रैल 202304:3818:46
20 अप्रैल 202304:3718:47
21 अप्रैल 202304:3618:47

मन पर संयम रखने का पाक महीना

इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक, यह महीना अपने मन पर संयम रखकर खुदा की इबादत करने का होता है। इस महीने जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और किसी को कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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