भोपाल

PM Modi MP Visit: 'पहले की सरकारों ने पंचायतों के साथ किया भेदभाव', पंचायती राज दिवस पर बोले पीएम मोदी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 24, 2023, 01:21 PM IST

National Panchayati Raj Day MP: पीएम मोदी ने कहा, 2014 से पहले 10 साल में केंद्र सरकार की मदद से 6000 के आसपास पंचायत भवन बनाए गए थे। हमारी सरकार न 8 साल में 30,000 से ज्यादा नए पंचायत भवन बनवाए हैं। ये दिखाता है कि हम गांव के लिए कितने समर्पित हैं।

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पीएम मोदी ने पंचायती राज दिवस सम्मेलन को किया संबोधित

Photo : ANI

National Panchayati Raj Day MP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा, देश में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा, पहले की सरकारों ने कैसे पंचायतों से भेदभाव किया और उनसे उल्टा कैसे हम उन्हें सशक्त कर रहे हैं, ये देश के लोग देख रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, 2014 से पहले 10 साल में केंद्र सरकार की मदद से 6000 के आसपास पंचायत भवन बनाए गए थे। हमारी सरकार न 8 साल में 30,000 से ज्यादा नए पंचायत भवन बनवाए हैं। ये दिखाता है कि हम गांव के लिए कितने समर्पित हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने, इस दौरान ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आधारशिला रखी। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं के लिए आधारशिला रखी। इससे पहले पीएम मोदी ने एसएएफ मैदान में विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।

गांव और शहरों की खाई को खत्म कर रही सरकार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम पंचायतों की मदद से गांवों और शहरों के बीच की खाई को लगातार कम कर रहे हैं। डिजिटल क्रांति के इस युग में पंचायतों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा, आज ई-ग्राम स्वराज-जेम इंटीग्रेटेड पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। इससे पंचायतों के माध्यम से होने वाली खरीद की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।

'विकास की ओर से साझे कदम' की हुई शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की ओर से साझे कदम अभियान का शुभारंभ भी किया। इस अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करना है। इसके अलावा पीएम मोदी पंचायत स्तर पर सार्वजनिक खरीद के लिए एकीकृत ई-ग्राम स्वराज, जीईएम पोर्टल का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को 35 लाख स्वामित्व कार्ड भी सौंपें। इन कार्ड को सौंपने के साथ ही देश में स्वामित्व योजना में लगभग 1 करोड़ 25 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके होंगे।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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