भोपाल

मध्य प्रदेश में भी थप्पड़ कांड, युवक ने महिला दारोगा को जड़े तमाचे, तनाव बढ़ा

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में युवक ने महिला थानेदार को थप्पड़ जड़ दिया। ये घटना राजस्थान में एसडीएम थप्पड़ कांड की पुनरावृत्ति की तरह है। पुलिस ऑफिसर के साथ हुई घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है।

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एमपी में दारोगा को मारा थप्पड़

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

टीकमगढ़: जिले में सड़क हादसे में हुई किसान की मौत के विरोध में सड़क पर उतरे लोगों की महिला थानेदार से बहस हो गई। महिला थानेदार ने एक युवक को थप्पड़ मारा तो जवाब में युवक ने भी महिला थानेदार के चेहरे पर थप्पड़ जड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की रात खेत जा रहे दरगवां के किसान घूरका लोधी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे की जानकारी सोमवार की सुबह परिजनों को हुई। इस पर गांव के लोगों ने हादसे की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने की मांग करते हुए खरगापुर-बड़ागांव मार्ग पर जाम लगाया। इस जाम को खुलवाने पुलिस मौके पर पहुंची, मगर थाना सीमा के विवाद के चलते रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर गांव वालों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बनी।

थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बताया गया है कि सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे लोगों को मौके पर पहुंची बड़ागांव की थाना प्रभारी अनुमेघा गुप्ता ने समझाने की कोशिश की। इसी दौरान एक युवक के रवैए से नाराज अनुमेघा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इससे वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। इसी बीच एक युवक ने भी महिला थानेदार के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। स्थिति बिगड़ते देखकर पुलिस जवानों को सक्रिय होकर आगे आना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों और महिला थानेदार के बीच हो रही बातचीत और थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस जवान ग्रामीणों को समझाते नजर भी आ रहे हैं। इस थप्पड़ कांड के बाद तनाव और बढ़ गया। इस दौरान पुलिस को गांव वालों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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