भोपाल

Gwalior के व्यापार मेले में लगी भीषण आग, 9 दुकानें जलकर राख; करोड़ों का नुकसान

ग्वालियर में आयोजित व्यापार मेले में आग की चपेट में आने से 9 दुकानें जलकर खाक हो गईं। पीड़ित व्यापारियों के मुताबिक इस आग में एक से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

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ग्वालियर में व्यापार मेले में आग

ग्वालियर: ग्वालियर शहर में मंगलवार शाम एक व्यापार मेले में आग लगने से कम से कम नौ दुकानें जलकर खाक हो गईं। ग्वालियर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी अतिबल सिंह ने बताया कि यह घटना शाम करीब पांच बजे की है और इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग एक दुकान के पिछले हिस्से में लगी और तेजी से आस-पास की दुकानों तक फैल गई। नौ दुकानों में रखा सामान जलकर खाक हो गया है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आठ गाड़ियों को लगाया गया। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

ऐसे लगी आग

जानकारी के मुताबिक, आग मेले के छतरी नंबर 15 के पास लगी, जहां दुकानों के पीछे ही व्यापारियों ने अपने गोडाउन बना रखे थे। आग ने 9 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, आग तेजी से फैलनी शुरू हो गई।, जिसकी सूचना तुरंत मेला पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी दी गई।

ईटीवी के हवाले से एक व्यापारी ने बताया कि मेले में उनकी कपड़ा व्यापार की दुकान थी। दुकान के पीछे ही खाने पीने के लिए छोटी सी किचिन बनायी थी। इसी दौरान दुकान के पिछले हिस्से से अचानक धुंआ निकलने लगा। हम सभी दुकान का सामान बाहर निकलने लगे, लेकिन आग इतनी तेजी से बढ़ी कि उसे काबू करना मुश्किल हो गया। उनके साथ ही उनके भाई की दुकान में रखा माल भी जल गया। पीछे बने गोदाम भी माल के साथ खाक हो गए। पीड़ित व्यापारियों के मुताबिक इस आग में एक से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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