भोपाल

Manu Bhaker: मनु भाकर ने मंत्री जी से गिफ्ट लेने के लिए दिखाई ऐसी सादगी, अब लोग कर रहे हैं तारीफ

Manu Bhaker: पेरिस ओलंपिक में डबल मेडल विजेता मनु भाकर निशानेबाजी में तो माहिर हैं ही, लेकिन उनकी सादगी और संस्कार के भी लोग मुरीद हैं। उन्होंने, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से एक खास तोहफा लेने के लिए अपनी चप्पलें उतार दीं। आइये जानते हैं वो खास गिफ्ट क्या था?

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ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलीं मनु भाकर

Photo : Twitter

Manu Bhaker: पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर ने शुक्रवार को भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। सिंधिया ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी और भविष्य की खेल प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। लेकिन, इस दौरान जिस बात ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा वो मनु की सादगी और उनके संस्कार। दरअसल, जैसे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया मनु भाकर को बतौर भेंट भगवान गणेश की मूर्ति देने के लिए आगे बढ़े त्यों ही चैंपियन शूटर ने सबसे पहले अपनी चप्पलें उतारीं। इस दौरान मंत्री ने शूटर के बारे में जमकर तारीफ की।

मनु भाकर की ये तस्वीरें आईं बाहर

धातु की गणेश जी प्रतिमा लेने के लिए मनु भाकर ने अपनी चप्पलें उतारी फिर यह खास तोहफा ग्रहण किया। हालांकि, इस दौरान खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने जूते उतार रखे थे। मनु भाकर की ये तस्वीरें बाहर आने के बाद लोग उनकी सादगी और संस्कार को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

एक ओलंपिक खेल में दो पदक

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के दौरान मनु के परिवार के कुछ सदस्य और उनके प्रशिक्षक जसपाल राणा भी थे। मनु भाकर (22) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता। वह स्वतंत्रता के बाद किसी एक ओलंपिक खेल में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। उनसे पहले, केवल ब्रिटिश मूल के भारतीय एथलीट नॉर्मन प्रिचार्ड ने वर्ष 1900 में आयोजित ओलंपिक में 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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