भोपाल

Bomb in Train: झेलम एक्सप्रेस में बम की अफवाह, मचा हड़कंप ; 40 मिनट खड़ी रही ट्रेन

Bomb in Train: पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस में बम की सूचना से भोपाल के कमलापति स्टेशन पर रोककर सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 40 मिनट गाड़ी खड़ी रही।

Image

झेलम एक्सप्रेस में बम की अफवाह

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

भोपाल: पुणे-जम्मू तवी जाने वाली (11077) झेलम एक्सप्रेस में शुक्रवार को बम होने की सूचना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में संदिग्ध वस्तु होने की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) ने मध्य प्रदेश के भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन पर पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस की तलाशी ली। आरपीएफ कमांडेंट प्रशांत यादव ने बताया कि आरपीएफ द्वारा 40 मिनट तक तलाशी लिए जाने के बाद यह सूचना झूठी निकली।

40 मिनट खड़ी रही ट्रेन

यादव ने बताया कि एक यात्री ने टीटी को ट्रेन में संदिग्ध वस्तु होने की सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि करीब 40 मिनट तक चले तलाशी अभियान के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।उन्होंने बताया कि ट्रेन सुबह 9.40 बजे गंतव्य के लिए रवाना हुई। यादव ने बताया कि इस संबंध में एक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में बम की अफवाह

आपको बता दें इस वक्त बम की अफवाह से दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। बीते बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के करीब 100 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ था। हालांकि, जांच के दौरान वहां भी कोई विस्फोटक सामाग्री बरामद नहीं हुई थी। इसके बाद गुरुवार दिल्ली के कमिश्नर को एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद वहां पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों से जांच में सहयोग करने के लिए कहा है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article