Vrindavan News: नया साल 2026 करीब है और बहुत-से लोग वर्ष की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करना चाहते हैं। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लोग ठंड के मौसम में मथुरा-वृंदावन की यात्रा का योजना बनाते हैं। लेकिन यदि इस बार आप वृंदावन में दर्शन के लिए जाने का विचार कर रहे हैं, तो सावधान रहें।
बांके बिहारी मंदिर ने एक परामर्श जारी करते हुए बताया है कि पाश्चात्य नववर्ष के दौरान मंदिर और आसपास के क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ रहती है। इस कारण उत्पन्न होने वाली असुविधाओं को देखते हुए श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि 29 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच संभव हो तो वृंदावन की यात्रा टाल दें और सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही दर्शन का कार्यक्रम बनाएं। मंदिर ने सभी से सहयोग की अपील की है।
सप्ताहांत में सबसे अधिक भीड़ रहने की आशंका
नए वर्ष पर मथुरा में उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष कदम उठाए हैं। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के अनुसार, इस अवधि में भारी वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा, जबकि ई-रिक्शा केवल तय किए गए मार्गों पर ही चल पाएंगे। उन्होंने बताया कि नव वर्ष की रात और उसके बाद आने वाले सप्ताहांत में सबसे अधिक भीड़ रहने की आशंका है, इसलिए इस दौरान सीमित संख्या में ही छोटे वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
बाल स्वरूप में होती है ठाकुर जी की आराधना
एसएसपी मथुरा के अनुसार, लगभग 7,000 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और श्रद्धालुओं के सुचारू दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बांके बिहारी मंदिर के सेवायत ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने बताया कि यहां ठाकुर जी की आराधना बाल स्वरूप में की जाती है, इसलिए पूजा-पाठ के दौरान अतिरिक्त सतर्कता रखी जाती है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवसर पर ठाकुर जी को खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।
