अंबाला : जिले के बराड़ा क्षेत्र के धनौरा गांव में मंगलवार को चार वर्षीय एक लड़का 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया, जिसे निकालने के कई एजेंसियों के समन्वय से प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि बोरवेल के अंदर की सीसीटीवी वीडियो इसमें बच्चा फंसा हुआ दिखाई दे रहा है। बच्चे को किसी भी वक्त बाहर निकाला जा सकता है। मौके पर एंबुलेंस बुलाई गई है और डॉक्टरों की टीम तैयार है।
एक अधिकारी ने बताया कि लड़के पर नजर रखने के लिए लगभग नौ इंच चौड़े बोरवेल में एक कैमरा डाला गया है और बचावकर्मी रस्सी की मदद से उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ)और सेना के जवान बचाव अभियान के लिए मौके पर मौजूद हैं। सुबह से बचाव अभियान चल रहा है।
कैसे बोरवेल में फंस गया था निर्भय
अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब धनौरा निवासी निर्भय अपने पिता के साथ खेत में अपने दादा के लिए खाना लेकर गया था। खेलते समय निर्भय का पैर फिसल गया और वह खुले बोरवेल में जा गिरा। सूचना मिलते ही उपायुक्त (डीसी) अजय सिंह तोमर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरफ, एसडीआरएफ और सेना की टीम द्वारा बचाव अभियान शुरू किया गया है।
जिला उपायुक्त तोमर ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। उन्होंने बताया कि बोरवेल की चौड़ाई लगभग नौ इंच है। तोमर ने बताया कि एनडीआरएफ विशेष उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है और मदद के लिए सेना से भी अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान जारी है।
निर्भय के दादा करनैल सिंह सुबह-सुबह खेत में काम करने चले गए थे। बाद में निर्भय के पिता मनजीत उनके लिए खाना लेकर खेत पहुंचे। निर्भय ने भी अपने पिता के साथ जाने की जिद की, जिस पर वह उसे अपने साथ ले गए।
खेत पहुंचने के बाद मनजीत काम में लग गए और करनैल सिंह खाना खाने लगे। निर्भय पहले अपने दादा के पास बैठा रहा, लेकिन कुछ देर बाद खेलने लगा। खेलते-खेलते उसकी नजर खुले बोरवेल पर पड़ी और वह उसमें मिट्टी डालने लगा। बोरवेल के आसपास की गीली मिट्टी के कारण नीचे झांकते समय उसका पैर फिसल गया और वह बोरवेल में गिर गया।
मनजीत ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनकर उनका ध्यान उधर गया। वे तुरंत बोरवेल के पास पहुंचे और निर्भय को आवाज लगाई। शुरुआत में निर्भय के पिता, दादा और आसपास के ग्रामीणों ने अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब साढ़े सात बजे प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।पिछले महीने पंजाब के होशियारपुर में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिसमें चार साल का एक बच्चा अपने घर के पास खोदे गए नए बोरवेल में गिर गया था। हालांकि, कई बचाव एजेंसियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने करीब नौ घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
