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आगरा में सपा मेयर प्रत्याशी पर मुकदमा दर्ज, ताजमहल पहुंची थीं चुनाव प्रचार करने

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 24, 2023, 02:04 PM IST

Agra News: जानकारी के मुताबिक, ताज सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने सपा प्रत्याशी को टोक था, जिसके बाद उन्होंने समाजवादी टोपी और पटका हटा लिया था।

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आगरा में सपा मेयर प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

Photo : BCCL

Agra News: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। चुनावी सरगर्मी भी बढ़ती जा रही है। इस बीच बड़ी खबर आगरा से आई है। यहां समाजवादी पार्टी की मेयर प्रत्याशी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर धारा 144 के उल्लंघन का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, सपा प्रत्याशी जूही प्रकाश आगरा स्थित ताजमहल में चुनाव प्रचार करने पहुंची थीं।

यह मुकदमा ताजगंज थाना में दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, सपा प्रत्याशी के खिलाफ लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा (धारा 188) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (171 एच) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

धारा 144 लागू थी

जानकारी के मुताबिक, मेयर प्रत्याशी सपा जिला अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ ईद की नमाज के दौरात ताजमहल पहुंचीं थीं। इस दौरान नेताओं ने नमाज पढ़कर वापस आते लोगों से वोट की अपील की थी। बताया जा रहा है कि ताज सुरक्षा में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त ने उन्हें टोका भी था, जिसके बाद उन्होंने समाजवादी टोपी और पटका हटा दिया। हालांकि, वह चुनाव प्रचार करती रहीं। उन्होंने बताया, ईद के चलते शहर में धारा 144 लागू की गई थी। सपा प्रत्याशी ने उसका उल्लंघन किया, जिसके बाद उन पर अभियोग पंजीकृत किया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

सपा प्रत्याशी के चुनाव प्रचार के दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सीआईएसएफ से रिपोर्ट भी तलब की थी। जानकारी के मुताबिक, सीआईएसएफ ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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