आगरा

UP News: जिला अस्पताल में अब क्यूआर कोड से दिखा सकेंगे मरीज, पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगने का झंझट खत्म

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 1, 2023, 12:51 PM IST

Agra District Hospital: उत्तर प्रदेश के आगरा जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। जिला अस्पताल में अब मरीज और तीमारदार को लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब मोबाइल एप के जरिए पर्चा बन जाएगा और सीधे डॉक्टर को दिखा सकेंगे। क्यूआर कोड से मिलेगा टोकन

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मोबाइल एप के माध्यम से बन जाएगा मरीज का पर्चा

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • अब मरीज और तीमारदार को लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं
  • मोबाइल एप के जरिए बन जाएगा पर्चा
  • मरीज को सीधे संबंधित डॉक्टर को दिखा सकेंगे

Agra District Hospital: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज दिखाने के लिए कतार में लगकर पर्चा बनवाने की आवश्यकता नहीं है। मोबाइल एप के माध्यम से मरीज का ऑनलाइन पंजीकरण हो जाएगा। इससे एक टोकन नंबर मिलेगा, इसके जरिए सीधे संबंधित डॉक्टर को दिखा सकेंगे। दरअसल, जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आते हैं। मरीज और तीमारदार को पर्चा बवाने समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

परेशानी को दूर करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने एक मोबाइल एप बनवाया है। इस एप की मदद से तमीरदार अपने मरीज का पंजीकरण करा सकेंगे। ऐसे में तीमारदार को लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

मरीज का पंजीकरण करा सकते हैं तीमारदार

मुख्य अधीक्षक डॉ. सीपी सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की स्कैन एंड शेयर की मदद से यूनिक क्यूआर कोड बनाया गया है। इससे तीमारदार मरीज का पंजीकरण करा सकते हैं। क्यूआर कोड को किसी भी हेल्थ एप जैसे आभा एप, बजाज हेल्थ, एका केयर, आरोग्य सेतु एप, ड्रीफकेस और पेटीएम से स्कैन कर उसमें अपना नाम, उम्र, लिंग और आभा नंबर दर्ज कर टोकन ले सकते हैं। पहली बार पंजीकरण होने के बाद अगली बार डॉक्टर को दिखाने आने के लिए फिर से कोई जानकारी नहीं देनी होगी।

क्यूआर कोड से मिलेगा टोकन

क्यूआर कोड स्कैन करने पर टोकन मिल जाएगा, इसे लेकर सीधे ओपीडी में डॉक्टर को दिखा सकते हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि व्यवस्था शुरू हो गई है, पर्चा काउंटर पर क्यूआर कोड लगा दिया है। इस व्यवस्था से ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतार से छुटकारा मिल जाएगा। तीमारदार सीधे मरीज को संबंधित डॉक्टर से परामर्श दिला सकेंगे। उधर, जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं आने वाले दिनों में और भी बेहतर दिखाई देंगी। अस्पताल में कई जगह ओपीडी बिखरी है, जबकि इसे एक ही जगह पर होना चाहिए। ऐसे ही ओपीडी में डॉक्टर के परामर्श के बाद मरीज को जांच के लिए दूसरी जगह पर जाना होता है। खून संबंधी जांच यहीं होगी। इससे मरीज को भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं होगी।
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