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गया में तिलक भोज के बाद बिगड़ी तबीयत, 33 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार; गांव में दहशत का माहौल

बिहार के गया में तिलक भोज के बाद करीब 33 लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो गए, जिससे गांव में दहशत का माहौल है।

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गया में फूड प्वाइजनिंग से लोग बीमार (फोटो-Istock)

गया : गुरुआ प्रखंड की मंडा पंचायत अंतर्गत धाना बीघा गांव में एक तिलक समारोह भोज खाने के बाद करीब 33 लोग अचानक बीमार पड़ गए। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत होने पर आनन-फानन में 33 लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ में भर्ती कराया गया, जहां सभी का इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात धाना बीघा गांव निवासी रमेश राम के पुत्र राहुल राज का तिलक समारोह भगवती गांव से आया था। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आमंत्रित लोग शामिल हुए थे। सभी लोगों ने तिलक समारोह में भोज ग्रहण किया। लेकिन भोजन करने के करीब 24 घंटे बाद एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन और ग्रामीण तत्काल सभी मरीजों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ लेकर पहुंचे।

अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में सभी मरीजों का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने प्रथम दृष्टया मामले को फूड प्वाइजनिंग से जोड़कर देखा है। चिकित्सकों के अनुसार दूषित भोजन खाने के कारण मरीजों में डिहाइड्रेशन की समस्या उत्पन्न हुई है। हालांकि समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

फूड प्वाइजनिंग के कारण

डॉक्टरों के मुताबिक, फूड प्वाइजनिंग तब होती है, जब हम ऐसा खाना या पानी खा-पी लेते हैं जिसमें बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या उनके जहरीले टॉक्सिन मौजूद रहते हैं। यह समस्या अक्सर खराब, बासी या ठीक से न पके भोजन की वजह से होती है।

मुख्य कारण:

  • दूषित या बासी खाना खाना
  • अधपका मांस, अंडा या सी-फूड
  • गंदा पानी पीना
  • बिना हाथ धोए खाना बनाना या खाना
  • लंबे समय तक बाहर रखा भोजन
  • एक्सपायर्ड पैकेज्ड फूड

इसके सामान्य लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, कमजोरी और मतली शामिल हैं। लक्षण कुछ घंटों से लेकर 1-2 दिन बाद तक दिखाई दे सकते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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