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आग में स्वाहा हो गया चित्रकूट का पूरा गांव! आग की लपटों में खो गए 31 घर; एक चिंगारी ने मचाई तबाही

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्थित एक गांव में भीषण आग लगने से 31 घर जलकर राख हो गए। गनीमत रही किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को राहत-बचाव के साथ ही पीड़ितों को उचित सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं

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चित्रकूट के गांव में लगी भीषण आग

चित्रकूट : जिले में सरधुआ थाना इलाके के एक गांव में शनिवार को भीषण आग लगने से 31 घर जल गए। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने और राहत-बचाव के साथ ही पीड़ितों को उचित सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की ओर से शनिवार शाम को जारी एक बयान में कहा गया कि थाना सरधुआ के गांव भदेदू में भीषण अग्नि दुर्घटना हुई तथा मौके पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी पहुंचे।

31 घर जले

बयान के मुताबिक, अग्निशमन विभाग (फायर स्टेशन) राजापुर, कर्वी, मऊ, मानिकपुर चित्रकूट, पश्चिम शरीरा कौशाम्बी व अतर्रा बांदा की दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं और आग पर काबू पा लिया गया है। इसमें कहा गया है कि आग में कुल 31 घर प्रभावित हुए हैं और एक गौ वंश की मौत हुई है तथा किसी इंसानी जान का नुकसान नहीं हुआ है।

एसपी के अनुसार उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एवं तहसीलदार, राजापुर के नेतृत्व में राहत कार्य जारी है तथा आग से प्रभावित सभी 31 घरों के पीड़ितों के लिए खाने और रहने की व्यवस्था करा दी गयी है और अन्य राहत कार्यों के लिए तहसील की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएम और एसपी मौके पर मौजूद हैं। योगी ने आग से हुई क्षति का आकलन करने का भी निर्देश दिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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