EPFO से नए साल में पैसा निकालना होगा और भी आसान, ये हैं नए नियम
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Dec 25, 2025, 12:30 PM IST
नए साल की शुरुआत नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अच्छी खबर के साथ होने वाली है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2025-26 में PF से पैसे निकालने से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा आसान और स्पष्ट बना दिया है। अब कर्मचारियों को यह समझने में कम उलझन होगी कि वे किस जरूरत पर, कितनी रकम और कब निकाल सकते हैं।
EPFO WIthdrawal
नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF हमेशा से सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद बचत विकल्प माना जाता है। रिटायरमेंट के समय यही फंड सबसे बड़ा सहारा बनता है। अब साल 2025-26 में EPF खाताधारकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने विड्रॉल से जुड़े नियमों को पहले के मुकाबले ज्यादा आसान, साफ और समझने योग्य बना दिया है। इसका मकसद यह है कि कर्मचारी जरूरत के समय बिना किसी कन्फ्यूजन के अपना पैसा निकाल सकें, लेकिन रिटायरमेंट की बचत भी सुरक्षित बनी रहे।
पहले क्या थे नियम?
पहले EPF से पैसा निकालने के नियम काफी मुश्किल थे। विड्रॉल के लिए करीब 13 अलग-अलग कैटेगरी थीं, जिन्हें समझना आम कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो जाता था। कई बार लोग गलत विकल्प चुन लेते थे या जरूरी दस्तावेजों की कमी के कारण उनका क्लेम अटक जाता था। अब EPFO ने इस समस्या को दूर करते हुए सभी विड्रॉल नियमों को सिर्फ तीन बड़ी कैटेगरी में बांट दिया है जरूरी जरूरतें, घर से जुड़ी जरूरतें और खास परिस्थितियां। इससे न सिर्फ नियम सरल हुए हैं, बल्कि ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा आसान हो गई है।
कब निकाल सकते हैं पूरा पैसा?
EPF से पूरा पैसा निकालने की सुविधा कुछ खास हालातों में दी जाती है। अगर कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र पूरी कर लेता है या स्वैच्छिक रिटायरमेंट (VRS) लेता है, तो वह पूरा EPF अमाउंट निकाल सकता है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो जाता है या किसी गंभीर विकलांगता का शिकार हो जाता है, तब भी पूरी निकासी की अनुमति होती है। बेरोजगारी की स्थिति में कर्मचारी नौकरी छूटने के तुरंत बाद 75% पैसा निकाल सकता है और 12 महीने पूरे होने के बाद बाकी 25% राशि भी निकाल सकता है। वहीं, अगर कोई कर्मचारी विदेश में स्थायी रूप से सेटल होने जा रहा है, तो उसे भी पूरा EPF निकालने की सुविधा मिलती है।
EPFO ने पार्शियल विड्रॉल यानी आंशिक निकासी के नियम भी साफ कर दिए हैं। अगर किसी कर्मचारी ने 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो वह घर खरीदने, घर बनाने या मरम्मत के लिए EPF से पैसा निकाल सकता है। 10 साल की सेवा के बाद होम लोन चुकाने के लिए EPF बैलेंस का 90% तक निकाला जा सकता है। घर की मरम्मत के लिए कर्मचारी अपनी मासिक सैलरी के 12 गुना या PF में जमा रकम में से जो कम हो, उतना निकाल सकता है। इस सुविधा का इस्तेमाल दो बार किया जा सकता है।
किस काम के लिए कितना निकाल सकते हैं पैसा?
मेडिकल जरूरतों के लिए EPF विड्रॉल को सबसे ज्यादा लचीला रखा गया है। कर्मचारी अपने, जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों के इलाज के लिए किसी भी समय पैसा निकाल सकता है और इसके लिए न्यूनतम सर्विस की कोई शर्त नहीं है। वहीं, 7 साल की सेवा पूरी होने पर कर्मचारी अपनी शादी, बच्चों या भाई-बहनों की शादी के लिए कुल EPF कंट्रीब्यूशन का 50% तक निकाल सकता है। इसी तरह बच्चों की पढ़ाई के लिए भी, कक्षा 10 के बाद, 50% तक निकासी की अनुमति है।
रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों के लिए भी खास प्रावधान किए गए हैं। अगर किसी की उम्र 54 साल हो गई है या रिटायरमेंट में सिर्फ एक साल बाकी है, तो वह अपने EPF का 90% हिस्सा निकाल सकता है। इसके अलावा बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं या दो महीने से ज्यादा समय तक सैलरी न मिलने की स्थिति में भी सीमित राशि निकालने की सुविधा मिलती है।
EPF विड्रॉल के साथ टैक्स नियमों को समझना भी जरूरी है। अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल या उससे ज्यादा नौकरी की है, तो EPF से निकाली गई पूरी रकम टैक्स-फ्री होती है। लेकिन 5 साल से पहले पैसा निकालने पर उस पर TDS कट सकता है। इसलिए सही जानकारी के साथ योजना बनाना बेहद जरूरी है।
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