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सोना-चांदी महंगे होंगे! बैंकों की 3% GST छूट खत्म, आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर?

GST Council की बैठक में इस बार रेट के ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया। लेकिन, सोने-चांदी के आयात पर मिल रही टैक्स छूट को खत्म करने का बड़ा फैसला किया गया है।

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गोल्ड सिल्वर के दाम पर टैक्स का असर

GST Council : सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए सरकार के एक फैसले ने कीमतों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। सरकार ने बैंकों और नामित एजेंसियों को सोना, चांदी और प्लैटिनम के इंपोर्ट पर मिलने वाली इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (IGST) की छूट आगे नहीं बढ़ाई है। अब इन आयातों पर 3% IGST देना पड़ेगा। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह टैक्स बढ़ने से बाजार में सोने-चांदी के दाम पर कोई असर आएगा?

सरकार के फैसले से क्या बदला?

केंद्र सरकार ने बैंकों के जरिये सोना, चांदी और प्लैटिनम के इंपोर्ट पर मिलने वाली IGST छूट को 31 मार्च, 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव ने 8 अक्टूबर को GST Council की बैठक के बाद इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बैंकों से 1 अप्रैल, 2026 से ही इन धातुओं के इंपोर्ट पर 3% IGST देना शुरू कर दिया था। यानी यह टैक्स अक्टूबर में पहली बार लागू नहीं हुआ है।

कह शुरू की गई यह छूट?

यह छूट साल 2017 में शुरू की गई थी। अब सरकार ने टैक्स व्यवस्था में बदलाव करते हुए आयात के अलग-अलग रास्तों के बीच मौजूद अंतर खत्म कर दिया है। इसकी वजह से ही अब काउंसिल ने इस छूट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।

क्या अब महंगा होगा सोना?

इस फैसले का सबसे अहम सवाल यही है। बैंकों को इंपोर्ट के समय 3% IGST चुकाना होगा, लेकिन वे घरेलू ज्वेलर्स और ट्रेडिंग यूनिट्स को धातु सप्लाई करते समय इस टैक्स का पूरा Input Tax Credit क्लेम कर सकते हैं। रेवेन्यू सेक्रेटरी ने भी स्पष्ट किया कि यह अग्रिम टैक्स भुगतान अपने आप में बैंकों की अतिरिक्त लागत नहीं बनता, क्योंकि उन्हें इसका क्रेडिट मिल सकता है। इसके अलावा चूंकि यह टैक्स अप्रैल से ही लग रहा है। ऐसे में अभी अचानक इसकी वजह से सोने चांदी के दाम बढ़ने की कोई संभावना नहीं है।

ग्राहकों को अब क्या ध्यान रखना चाहिए?

अगर आप त्योहार, शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ इस खबर के आधार पर खरीदारी टालने या तुरंत करने का फैसला न लें। सोने और चांदी के रोजाना भाव पर नजर रखें। ज्वेलरी खरीदते समय धातु की कीमत, मेकिंग चार्ज और बिल में लगाए गए टैक्स को अलग-अलग समझें। सबसे जरूरी बात यह है कि बैंकों की IGST छूट खत्म होने का मतलब ग्राहकों पर सीधे 3% अतिरिक्त टैक्स लगना नहीं है। कीमतों में वास्तविक बदलाव तभी स्पष्ट होगा, जब बाजार और सप्लाई चेन पर इसका असर सामने आएगा।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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