बजट में मिले जोरदार बूस्ट के बावजूद Railway PSU सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव दिख रहा है। बुधवार को IRFC में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा पूरा NIFTY RAILWAYS PSU इंडेक्स भी लाल निशान में ट्रेड कर रहा है। IRFC में जहां ऑफर फॉर सेल (OFS) की वजह से गिरावट है।
वहीं, रेलवे सेक्टर में जारी दबाव के बीच Texmaco Rail में सबसे बड़ी गिरावट आई है। यह शेयर 52 वीक हाई 189 से करीब 43 फीसदी गिरावट के साथ 106 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट केवल टेक्निकल करेक्शन नहीं, बल्कि पूरे रेलवे थीम में ठंडे पड़ते सेंटिमेंट को भी दर्शाती है।
IRCON और RailTel भी भारी दबाव में
गिरावट के मामले में दूसरे नंबर पर IRCON International है। शेयर 225.52 रुपये के 52 वीक हाई से फिसलकर 147.93 रुपये पर पहुंच गया है। यानी करीब 34.4% की गिरावट आई है। इसी तरह RailTel Corporation भी 478.95 के 52 वीक हाई गिरकर 320.60 रुपये पर आ चुका है, जो लगभग 33% की कमजोरी दिखाता है। इन दोनों शेयरों में पिछले कुछ महीनों में लगातार बिकवाली देखने को मिली है।
IRFC और BEML में भी करेक्शन
IRFC, बुधवार को आई 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। 148.95 के 52 वीक हाई से गिरते हुए यह शेयर अब 105.17 पर ट्रेड कर रहा है। यानी करीब 29.4% की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह BEML भी 2437.40 रुपये के हाई से टूटकर 1714.70 रुपये पर आ गया है, जो लगभग 29.7% की कमजोरी दर्शाता है। साफ है कि रैली के बाद वैल्यूएशन कूलिंग का फेज जारी है।
IRCTC और अन्य शेयरों में भी दूरी
IRCTC 820.25 के 52 वीक हाई से करीब 25% गिरकर 613.50 पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह Container Corporation of India और Titagarh Rail Systems भी अपने उच्च स्तर से 23% से 25% तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि गिरावट किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे रेलवे पैक में व्यापक करेक्शन है।
रेलवे बजट में मिला बूस्ट
रेल मंत्रालय को यूनियन बजट 2026-27 में अब तक का सबसे ज़्यादा 2,78,030 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसे यूनियन बजट 2026-27 में 2,93,030 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कैपिटल खर्च (कैपेक्स) भी मिला है। नेशनल ट्रांसपोर्टर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और सुरक्षा पर अपना खर्च फोकस कर रहा है।
क्यों आ रही गिरावट?
रेलवे शेयरों में यह गिरावट पिछले दो वर्षों की तेज रैली के बाद आई वैल्यूएशन एडजस्टमेंट का संकेत देती है। कई शेयर अभी भी अपने ऐतिहासिक औसत से ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि नई ऑर्डर विजिबिलिटी और कैपेक्स ट्रिगर सीमित हैं। टेक्निकल चार्ट पर भी कई स्टॉक्स ने प्रमुख सपोर्ट लेवल तोड़े हैं, जिससे शॉर्ट टर्म दबाव बढ़ा है।
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