Indigo Co-Founder Rakesh Gangwal: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) के को-फाउंडर राकेश गंगवाल (Rakesh Gangwal) का परिवार कंपनी में 5%-8% हिस्सेदारी बेच सकता है। 5-8 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर गंगवाल फैमिली को करीब 7,500 करोड़ रुपये (90.95 करोड़ डॉलर) मिल सकते हैं।
बता दें कि इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation), जो इंडिगो के नाम से एयरलाइन चलाती है, में राकेश गंगवाल की 13.23 फीसदी और उनकी पत्नी शोभा गंगवाल की 2.99 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं चिंकरपू फैमिली ट्रस्ट के पास कंपनी की 13.5 फीसदी हिस्सेदारी है।
कौन हैं राकेश गंगवाल
राकेश गंगवाल एक भारतीय-अमेरिकी अरबपति बिजनेसमैन हैं। गंगवाल ने 1984 में यूनाइटेड एयरलाइंस के साथ अपना एयरलाइन करियर शुरू किया और यूएस एयरवेज ग्रुप के चीफ एक्जेक्यूटिव और चेयरमैन रहे।
फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ इस समय 37100 करोड़ रु है और वे इतनी दौलत के साथ इस समय दुनिया के 621वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। ईटी की रिपोर्ट में सीएनबीसी आवाज के हवाले से बताया गया है कि गंगवाल इंडिगो में हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
2022 में बोर्ड से दे दिया था इस्तीफा
राकेश गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंडिगो के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि वह पांच साल में एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी घटाएंगे। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार शोभा गंगवाल ने फरवरी में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी में 4% से अधिक की कटौती की थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गंगवाल परिवार ब्लॉक डील में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है। बता दें कि राकेश गंगवाल और इंडिगो के दूसरे को-फाउंडर राहुल भाटिया के बीच 2020 में कुछ मतभेद हो गए थे। गंगवाल ने कंपनी के एसोसिएशन ऑफ आर्टिकल्स में कुछ नियमों को संशोधित करने की मांग की थी, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद हो गया था।
प्रॉफिट में है इंडिगो
इंडिगो एक दुधारू यानी प्रॉफिट में चल रही कंपनी है। कंपनी को मार्च तिमाही में 919.2 करोड़ रुपये का लाभ हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी 1,682 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी। दिसंबर तिमाही में एयरलाइन कंपनी का लाभ 1,422.6 करोड़ रुपये रहा था। यानी मार्च तिमाही में इसका प्रॉफिट 35 प्रतिशत बढ़ा।
