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Budget Halwa Ceremony: जब टूट गई थी आजादी के बाद से हो रही 'हलवा सेरेमनी' की रस्म, जानें क्या था कारण

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Jan 26, 2023, 05:17 PM IST

Budget Halwa Ceremony 2023: एक बार फिर हलवा खिलाने की रस्म के साथ वित्त मंत्रालय में इस साल बजट तैयार करने की शुरुआत हो चुकी है लेकिन बीते साल यह रस्म नहीं निभाई जा सकी थी। आइए जानते हैं यह रस्म क्या है और बीते साल इसे क्यों नहीं पूरा किया जा सका।

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बजट हलवा सेरेमनी

Union Budget Halwa Ceremony 2023: आगामी केंद्रीय बजट से पहले वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, पारंपरिक 'हलवा' समारोह आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में आयोजित किया गया और आधिकारिक ट्विटर हैंडल की मदद से इसकी तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं। हलवा रस्म एक परंपरा है जिसे हर साल बजट से पहले किया जाता है और यह आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजना तैयार करने के अंतिम चरण की शुरुआत को दिखाता है। वित्त मंत्री 1 फरवरी, 2023 को केंद्रीय बजट 2023 को पेश करेंगी।

'हलवा' रस्म का महत्व:

समारोह का आयोजन वित्त मंत्री की ओर से कड़ाही में एक लोकप्रिय मिठाई हलवा की कड़छी हिलाने और इसे नॉर्थ ब्लॉक बिल्डिंग में वित्त मंत्रालय के सहयोगियों और अधिकारियों को बांटने के रूप में होता है। हलवा समारोह होने के बाद सभी कर्मचारी बजट पेश होने तक बंद हो जाते हैं और बजट तैयार करने की प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय के अंदर ही व्यस्त रहते हैं।

भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ काम को करने से पहले मीठा खाने से इसकी शुरुआत की जाती है और इसलिए इस साल भी इस परंपरा को जारी रखते हुए कर्मचारियों को हलवा परोसकर बजट की प्रक्रिया को शुरू किया गया। समारोह के बाद आमतौर पर बजट के डॉक्यूमेंट छपते हैं, लेकिन 2021 में इस प्रक्रिया में बदलाव आया था जब कोविड-19 महामारी के संक्रमण के कारण हलवा की परंपरा को नहीं निभाया जा सका था और पेपरलेस मोड में बजट को तैयार किया गया था। हालांकि इस साल भी पेपरलेस मोड में ही बजट तैयार हो रहा है।

हलवा समारोह महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके खत्म होने के बाद, बजट तैयार करने में शामिल सभी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में जाना होता है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि नीति आयोग और अन्य संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से तैयार किए गए अगले वित्तीय वर्ष के बजट की कोई जानकारी लीक ना हो।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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