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इस अरबपति ने अब भी नहीं मानी हार, देश को देना चाहता है ये खास तोहफा

Vedanta Semiconductor Plant: वेदांता ग्रुप गुजरात के धोलेरा में देश का पहला सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले संयंत्र लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए कंपनी को सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

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देश को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने का प्लान

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • वेदांता गुजरात में लगाएगी सेमीकंडक्टर प्लांट
  • पार्टनरशिप के लिए कई कंपनियों से बातचीत
  • सरकार की मंजूरी का भी इंतजार

Vedanta Semiconductor Plant: वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) ने गुजरात में देश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की प्रतिबद्धता जताई है। अनिल अग्रवाल एक भारतीय अरबपति बिजनेसमैन हैं जो वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन हैं। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि इस प्लांट के लिए टेक्नोलॉजी और इक्विटी पार्टनर्स के साथ गठजोड़ की दिशा में कुछ प्रगति हुई है। वेदांता को पिछले हफ्ते इसकी साझेदार फॉक्सकॉन (Foxconn) के संयुक्त उद्यम (Join Venture) से अलग होने की घोषणा से बड़ा झटका लगा था। इस संयुक्त उद्यम को गुजरात के धोलेरा में देश का पहला सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्लांट स्थापित करना था।

कई कंपनियों से चल रही बातचीत

वेदांता ने अपने नए पार्टनर की तलाश में कई कंपनियों के संपर्क में होने की बात कही। वेदांता सेमीकंडक्टर्स एंड डिस्प्ले के ग्लोबल मैनेजिंग डायरेक्टर आकर्ष के हेब्बर ने कहा कि कंपनी सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले प्लांट के लिए नए प्लान के तहत दाखिल अपने आवेदनों पर सरकार की मंजूरी का इंतजार करेगी।

देश को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने का प्लान

हेब्बर ने बयान में कहा कि मंजूरी मिलने के बाद हम फौरन ही निर्माण शुरू कर देंगे और प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुरूप भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की राह तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि वेदांता ग्रुप ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में टेक्नोलॉजी एवं इक्विटी पार्टनर्स को शामिल करने में अच्छी प्रगति की है और जल्द ही इस बारे में घोषणा की जाएगी।

यहां लगेगा पहला प्लांट

हेब्बर ने कहा कि वेदांता ग्रुप गुजरात के धोलेरा में देश का पहला सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले संयंत्र लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में यूरोपीय चिप मेकर एसटीएमइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स (STMicroelectronics) को फाइनल करने में रुकी हुई बातचीत और इंसेंटिव्स मंजूरी में देरी फॉक्सकॉन के पीछे हटने के कारणों में से एक थी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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