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योगी सरकार ने​ किसानों से गेहूं खरीद के बदले नियम, दफ्तरों के चक्कर से मिली आजादी

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने गेहूं खरीद की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए अब बिना पंजीकरण (Registration) के भी फसल बेचने की अनुमति दे दी है।

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UP Farmers News (Photo: iStock)

UP Farmers News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गेहूं खरीद को लेकर किसानों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब किसान बिना ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। यह निर्णय किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए लिया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दे दिए गए हैं।

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दरअसल, इस साल गेहूं खरीद के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य कर दी गई थी। लेकिन कई किसानों को तकनीकी समस्याओं, इंटरनेट की कमी या जानकारी के अभाव के कारण पंजीकरण करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नतीजतन, वे सरकारी केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच पा रहे थे और उन्हें मजबूरन बिचौलियों को कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही थी। इससे किसानों में असंतोष भी बढ़ रहा था।

किसानों को मिली राहत

मुख्यमंत्री के इस फैसले से अब उन किसानों को सीधा फायदा मिलेगा, जो रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए थे। वे पहले की तरह सीधे क्रय केंद्रों पर जाकर अपनी फसल बेच सकेंगे। इससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।

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UP Farmers News (Photo: iStock)

साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि गेहूं बेचने के लिए आने वाले किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर पीने के पानी, पंखे, छाया (छाजन) और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इससे किसानों को लंबी कतारों में इंतजार के दौरान राहत मिलेगी।

खरीद प्रक्रिया होगी तेज

खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 20 अप्रैल दोपहर 11 बजे तक 42 हजार से अधिक किसानों से करीब 2.38 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 4.77 लाख से ज्यादा किसान पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। प्रदेशभर में अब तक 5,400 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।

सरकार का यह कदम किसानों के हित में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। इससे न केवल खरीद प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि किसानों को उचित मूल्य मिलने में भी आसानी होगी। आने वाले दिनों में इससे प्रदेश में गेहूं खरीद का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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