Uday Kotak resigns: उदय कोटक ने कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एंड CEO पद से इस्तीफा दे दिया। यह 1 सितंबर 2023 से लागू हो चुका है। अब वह कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम करेंगे। तात्कालिक तौर पर बोर्ड ने दीपक गुप्ता को MD & CEO का कार्यभार सौंपा है। वे इस समय ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलेनियर की लिस्ट के अनुसार, उदय कोटक 2 सितंबर, 2023 तक 1,10,020 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ भारत के सबसे अमीर बैंकर हैं। वह बैंक में अपने नए उत्तराधिकारी को बनाने के लिए पद छोड़ रहे हैं। हाल ही वे तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने वेतन को छोड़ने का विकल्प चुना और वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1 रुपये का प्रतीकात्मक वेतन स्वीकार किया था।
उन्होंने 1985 में कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड नामक एक फाइनेंस फर्म शुरू की। इसके बाद उन्होंने 2003 में इसे एक बैंक में बदल दिया। उनके बेटे जय कोटक 2017 से बैंक के साथ काम कर रहे हैं। वह हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रैजुएट हैं। बैंक को शुरू में ट्रैक्टर टाइकून आनंद महिंद्रा का सपोर्ट मिला था, जिनके पास अभी भी बैंक में एक छोटी हिस्सेदारी है।
ऐसे हुई थी कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत
कोटक महिंद्रा ने एक ट्वीट कर अपना रिजाइन लेटर पोस्ट किया है। साथ ही कोटक महिन्द्रा ने एक पोस्ट भी लिखी है जिसमें उन्होंने कोटक महिंद्रा की जर्नी के बारे में लिखा है। कोटक महिंद्रा लिखते हैं कि 38 साल पहले जब उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत की थी तब सिर्फ 3 कर्मचारी थे और 300 स्कॉयर फिट का फोर्ट, मुंबई में ऑफिस था। 1985 में उन्होंने इसकी शुरुआत 10,000 रुपये के इन्वेस्ट करके की थी आज बैंक की वैल्यू करीब 300 करोड़ की हो गई है।
