भारत सहित 60 देशों पर टैरिफ लगाया
राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए उच्च टैरिफ का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से विभिन्न देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिल पर केवल 2.4 प्रतिशत शुल्क लेता है। इस बीच, थाइलैंड और अन्य देश बहुत अधिक यानी 60 प्रतिशत तक शुल्क वसूल रहे हैं। भारत 70 प्रतिशत शुल्क लेता है, वियतनाम 75 प्रतिशत शुल्क लेता है, और अन्य इससे भी अधिक शुल्क वसूलते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों से आज तक सिर्फ ढाई प्रतिशत शुल्क लेता रहा है...आप सोचकर देखिए, विदेश में बने वाहनों पर सिर्फ ढाई प्रतिशत शुल्क। यूरोपीय संघ हमसे 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वसूलता है, और उनके पास 20 प्रतिशत वैट है, जो बहुत अधिक है। भारत 70 प्रतिशत शुल्क लगाता है और शायद सबसे खराब दक्षिण कोरिया, जापान और कई अन्य देशों द्वारा बड़ी व्यापार बाधाओं के रूप में लगाए गए गैर-मौद्रिक अंकुश हैं।
ट्रंप बोले- टैरिफ मामले में भारत बहुत सख्त
ट्रंप ने शुल्क की घोषणा करते समय एक चार्ट दिखाया जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ के साथ-साथ जवाबी टैरिफ भी दर्शाए गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, भारत बहुत, बहुत सख्त है। बेहद सख्त है। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा, आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे वर्षों और दशकों तक शुल्क के नाम पर कुछ भी नहीं लिया और यह केवल सात साल पहले की बात है, जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।
भारत के लिए झटका, बढ़ेगा दबाव
बहरहाल, ये टैरिफ भारत सरकार के लिए एक झटका हैं, जिसने ट्रंप के एजेंडे के लिए व्यापक रियायतें देकर नए शुल्कों को टालने की कोशिश की थी। फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने इस साल एक व्यापार समझौते की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी। व्हाइट हाउस ने कहा कि इस घोषणा से पहले अमेरिका की टैरिफ दरें सबसे कम थीं, जिसमें भारत के 17% की तुलना में 3.3% का साधारण औसत टैरिफ था।
पिछले कुछ हफ्तों में भारत ने अपनी टैरिफ व्यवस्था में बदलाव किया है, जिसमें लगभग 8,500 औद्योगिक वस्तुओं पर आयात शुल्क कम किया गया है, जिसमें बोरबॉन व्हिस्की और हार्ले-डेविडसन इंक द्वारा निर्मित महंगी मोटरसाइकिल जैसे प्रमुख अमेरिकी सामान शामिल हैं, जिसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं। भारत ने अपने द्विपक्षीय व्यापार घाटे को कम करने के लिए अधिक अमेरिकी तेल, एलएनजी और रक्षा उपकरण खरीदने की अपनी इच्छा का भी संकेत दिया है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि टैरिफ में और कटौती की जाएगी।
कितना तैयार है भारत?
वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26 प्रतिशत के जवाबी टैरिफ के प्रभाव का आकलन कर रहा है। एक अधिकारी के अनुसार, पांच अप्रैल से अमेरिका में सभी आयातों पर सार्वभौमिक 10 प्रतिशत शुल्क लागू हो जाएगा और 10 अप्रैल से 27 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय घोषित टैरिफके प्रभाव का आकलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं को दूर करता है, तो ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ टैरिफ कम करने पर विचार कर सकता है। भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। दोनों देशों ने इस साल सितंबर-अक्टूबर तक समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है। अधिकारी ने कहा कि यह एक मिली-जुली स्थिति है और भारत के लिए कोई झटका नहीं है।
