अगर आप अपना खुद का उद्योग, फैक्ट्री या बड़ा बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं, लेकिन जमीन की अधिक कीमतें रुकावट बन जाती हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है। बिहार सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐसी क्रांतिकारी योजना शुरू की है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस योजना के तहत सरकार निवेशकों को केवल 1 रुपये के टोकन अमाउंट पर जमीन देने जा रही है। यह ऑफर सीमित समय के लिए उपलब्ध है, इसलिए इच्छुक उद्यमियों को 31 मार्च 2026 तक आवेदन करना जरूरी है।
इस योजना का नाम ‘बिहार इंडस्ट्रियल निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025’ रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और औद्योगिक विकास को गति देना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा इंडस्ट्रीज़ राज्य में स्थापित हों, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और अर्थव्यवस्था मजबूत हो। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जमीन हर किसी को नहीं मिलेगी इसके लिए कुछ मानदंड और शर्तें तय की गई हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है।
कौन ले सकता है 1 रुपये वाली जमीन का फायदा?
1 रुपये में जमीन मिलना कोई आम बात नहीं है, इसलिए सरकार ने इसके लिए विशेष श्रेणियां तय की हैं। यह मौका मुख्य रूप से बड़े निवेशकों के लिए है, जो राज्य के विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंपनी कम से कम 100 करोड़ रुपये का निवेश करती है और 1,000 लोगों को रोजगार देती है, तो उसे 10 एकड़ जमीन केवल 1 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर दी जाएगी। यह उन कंपनियों के लिए बेहद बड़ा फायदा है, जो नई फैक्ट्री या बड़े स्तर पर उद्योग लगाने की योजना बना रही हैं।
इसके अलावा, यदि कोई कंपनी 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करती है, तो उसे 25 एकड़ जमीन भी इसी 1 रुपये की टोकन राशि पर दी जाएगी। खास बात यह है कि ‘फॉर्च्यून 500’ में शामिल कंपनियों के लिए नियम और भी आसान बनाए गए हैं। उन्हें केवल 200 करोड़ रुपये के निवेश पर 10 एकड़ जमीन मिल जाएगी।
जो निवेशक इन श्रेणियों में नहीं आते, उनके लिए भी राहत है। BIADA (बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) अपनी जमीन की कीमतों पर 50% तक की छूट दे रहा है। यानी छोटे और मध्यम उद्योग भी काफी कम कीमत में जमीन प्राप्त कर सकते हैं।
जमीन के अलावा और क्या मिल रहा है योजना में?
सरकार केवल जमीन सस्ती देकर अपनी जिम्मेदारी नहीं खत्म कर रही है, बल्कि निवेशकों को अधिकतम सहूलियत देने के लिए कई तरह की वित्तीय मदद भी प्रदान की जा रही है। इस पैकेज के तहत निवेशकों को 40 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उद्योग स्थापित करने का वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा।
इसके अलावा, सरकार 100% SGST रिफंड का विकल्प दे रही है। कंपनियां चाहे तो प्रोजेक्ट लागत के 300% तक नेट SGST रीइंबर्समेंट का लाभ भी उठा सकती हैं। यह लाभ उन्हें पूरे 14 वर्षों तक मिल सकता है। साथ ही, 30% तक कैपिटल सब्सिडी भी उपलब्ध है, जिसे निवेशक अपनी जरूरत और योजना के अनुसार चुन सकते हैं।
इन सभी सुविधाओं का लक्ष्य एक ही है राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देना और निवेशकों की मुश्किलों को आसान करना, ताकि वे बिना बाधा के अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, ताकि निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले BIADA के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां "Apply Online" सेक्शन में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान आपकी ईमेल आईडी ही आपका यूजर आईडी बन जाएगी। पासवर्ड सेट करने के बाद आप आसानी से आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
निवेशकों की सुविधा के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 18003456214 भी जारी किया गया है, जहां आप किसी भी समस्या या जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, पोर्टल के “लैंड बैंक” सेक्शन में यह भी देखा जा सकता है कि किस जिले में कितनी जमीन उपलब्ध है और कौन-सा इंडस्ट्रियल एरिया आपके प्रोजेक्ट के लिए सबसे बेहतर है। यहां "Plug and Play" शेड्स की जानकारी भी मौजूद है, जिसमें बिना निर्माण के तैयार ढांचे में तुरंत काम शुरू किया जा सकता है।
