Google Layoff 2023 : साल 2023 टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वालों के लिए अच्छा नहीं रहा है। दरअसल गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट सहित वैश्विक स्तर की कई टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनियों ने इस साल छंटनी की है, जिससे बड़ी संख्या में इनके कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी है। इस बीच गूगल में एक बार फिर से छंटनी होने की संभावना है। इस बात के संकेत खुद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने दिए हैं।
कहां है कंपनी का फोकस
वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में पिचाई ने कहा है कि कंपनी अपने मौजूदा अवसरों पर 'बहुत, बहुत फोकस्ड' है। उन्होंने ये भी कहा कि अभी काफी काम बचा हुआ है। पिचाई के अनुसार कंपनी अब सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है और इसी प्लान के हिसाब से लोगों को मूव कर रही है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले सुंदर पिचाई ने ये भी कहा था कि गूगल और ज्यादा एफिशिएंट बनाना चाह रही है और अब उन्होंने बताया कि गूगल "असल में हर पहलू पर नजर डाल रही है"। कंपनी अब स्थाई तरीके से कॉस्ट बेस की री-इंजीनियरिंग पर काम कर रही है।
एआई का किया जिक्र
पिचाई ने अपनी बातचीत में एआई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एआई में एक अहम पॉइंट भी है। जहां कंपनी कुछ कर सकती है तो तो वे निश्चित रूप से प्राथमिकता दे रही है और लोगों को अपने अहम क्षेत्रों में मूव कर रही है। इस समय गूगल में यह प्रोसेस चल रही है।
जनवरी से चल रही छंटनी
नई छंटनी के संकेत से पहले गूगल ने जनवरी में वैश्विक स्तर पर 12,000 से अधिक कर्मचारियों को निकालने की अपनी योजना का ऐलान किया था। उस समय छंटनी से लगभग 450 भारतीय कर्मचारी भी प्रभावित हुए। गूगल में छंटनी ऐसे समय पर शुरू की गई, जब इसने गूगल बार्ड एआई की भी शुरुआत की। इससे प्रेजेंटेशन के दौरान एक फैक्चुअल एरर भी हुई, जिससे कंपनी की वैल्युएशन में 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। खर्चों को कम करने की कोशिश में गूगल ने एम्प्लॉई सर्विसेज में भी बदलाव किए हैं। इसमें लैपटॉप अपडेट की फ्रीक्वेंसी को कम करना और स्टेपलर और स्नैक्स जैसे छोटे खर्चों में कटौती करना तक शामिल है।
