बिजनेस

कैन वाली कोल्डड्रिंक और बीयर बनाने वाली कंपनियों की मौज, सरकार के एक फैसले से दूर हुई बड़ी टेंशन।

देश में गर्मियों का सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने बेवरेज इंडस्ट्री (Beverage Industry) को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने एल्युमीनियम कैन के लिए अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों (QCO) को लागू करने की समयसीमा आगे बढ़ा दी है। इस फैसले से कोला और बीयर बनाने वाली बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन को लेकर चल रही चिंता खत्म हो गई है।

Image

aluminum cans

सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ उद्योग में उपयोग किए जाने वाले एल्युमीनियम कैन के लिए अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों (क्यूसीओ) को लागू करने की समयसीमा बढ़ा दी है। इस कदम से कोला बनाने वाली कंपनियों से लेकर बीयर निर्माताओं तक, सभी अल्कोहल युक्त और गैर-अल्कोहल पेय निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है। पेय पदार्थ निर्माताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि समयसीमा बढ़ने से गर्मियों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने और आपूर्ति के अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।

लागू होगा नया शेड्यूल

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, कुकवेयर, बर्तन और खाद्य-पेय पदार्थ कैन (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2026' को अब बड़े उद्योगों के लिए अक्टूबर 2026 से, छोटी इकाइयों के लिए जनवरी 2027 से और सूक्ष्म उद्यमों के लिए अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा 15 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, इन वस्तुओं को संबंधित भारतीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस के तहत 'मानक चिह्न' प्राप्त करना होगा।

यह विस्तार उन खाद्य कंपनियों के लिए भी फायदेमंद होने की संभावना है जो प्रीमियम खाद्य पदार्थों के लिए इसी तरह की कैन पैकेजिंग का उपयोग करती हैं।

पेय पदार्थ उद्योग, जो आमतौर पर गर्मियों की मांग को देखते हुए मध्य जनवरी से स्टॉक करना शुरू कर देता है, उसे आपूर्ति बाधित होने के कारण बिक्री में गिरावट की आशंका थी। यह राहत ऐसे समय में आई है जब धात्विक कैन में पेय पदार्थों की खपत तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी पारंपरिक कांच की बोतलों के बजाय इन्हें अधिक पसंद कर रही है।

इंडस्ट्री ने किया फैसले का स्वागत

समयसीमा में इस विस्तार को मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने और व्यस्त सीजन के दौरान पेय पदार्थ निर्माताओं की निर्बाध वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के महानिदेशक विनोद गिरी ने इस फैसले को समय पर लिया गया कदम बताते हुए कहा, ''यह कदम अल्कोहल पेय कंपनियों को आगामी गर्मियों के सीजन के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेगा, जब बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक्स की मांग काफी बढ़ जाती है।''

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article