Tax Devolution To States From Central Govt: केंद्र ने जून में राज्यों को उनकी टैक्स हिस्सेदारी के तौर पर 1.18 लाख करोड़ रुपये की तीसरी किस्त जारी कर दी है। इस बात का ऐलान वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की तरफ से आज सोमवार को कर दिया गया। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि जून 2023 में राज्यों को उनकी रेगुलर किस्त के अलावा एक एडवांस किस्त भी जारी की गई है जिससे वे अपना पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) बढ़ा सकेंगे। साथ ही वे इस पैसे का इस्तेमाल विकास/कल्याण से संबंधित खर्च की फाइनेंसिंग के लिए भी कर सकेंगे और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं/योजनाओं को संसाधन उपलब्ध करा सकेंगे।
14 राज्यों को मिलता है पैसा
वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक केंद्र ने राज्य सरकारों को टैक्स बंटवारे में उनके हिस्से के रूप में 1,18,280 करोड़ रुपये की किस्त 12 जून को जारी कर दी है। सामान्य तौर पर राज्यों को उनके टैक्स हिस्से के रूप में 59,140 करोड़ रुपये जारी किए जाते हैं। फिलहाल केंद्र द्वारा जुटाए गए टैक्स कलेक्शन का 41 प्रतिशत किसी वित्त वर्ष में 14 किस्तों में राज्यों को दिया जाता है।
जीओएम के लिए कंवेनर की तलाश
पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने जीएसटी दर रेशनलाइजेशन पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के नए संयोजक या कंवेनर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कर्नाटक में सरकार बदलने के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ है।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सितंबर 2021 में जीएसटी काउंसिल के तहत गठित सात सदस्यीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) के संयोजक थे। वित्त मंत्रालय ने पैनल के अन्य सदस्यों के साथ कंसल्टेशन प्रोसेस शुरू कर दी है। कर्नाटक के अलावा, जीओएम के अन्य सदस्य बिहार, गोवा, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल हैं।
