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Tata के शेयरों में बढ़ी हलचल Trent 10% लुढ़का, Titan 4% उछला; क्यों मचा है तहलका?

Tata के शेयरों में जबदस्त एक्शन देखने केा मिला है। Trent में जहां इस दौरान 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, Titan में 4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

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ट्रेंट के शेयरों में भारी गिरावट और टाइटन में जोरदार उछाल

Tata Share In Action Trent vs Titan : टाटा ग्रुप की दो बड़ी कंपनियों के शेयरों में आज एक-दूसरे से पूरी तरह अलग दिशा में एक्शन देखने को मिला है। एक तरफ जहां टाटा का रिटेल फैशन ब्रांड जूडियो चलाने वाली कंपनी Trent Share Price में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।

वहीं, दूसरी तरफ रिटेल ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क जैसे आउटलेट और घड़ियों सहित कई तरह के फैशन एसेसरीज का बिजनेस चलाने वाली Titan Company के शेयरों में 4 फीसदी के करीब उछाल देखने को मिला है।

मंगलवार 7 जुलाई को बाजार के शुरुआती कारोबार में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ Trent Share Price 2,978 तक फिसल गई। वहीं, Titan Company Share Price करीब 4 फीसदी तेजी के साथ 4,655.90 पर पहुंच गई।

Trent के शेयरों में क्यों आई गिरावट?

ट्रेंट ने जून तिमाही नतीजे जारी किए हैं। ये नतीजे बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं हैं। यही ट्रेंट के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है। कंपनी की

रेवेन्यू ग्रोथ और स्टोर में बढ़ोतरी अनुमान से कम रही है। ट्रेंट ने जून तिमाही के लिए 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू रिपोर्ट किया था, जो एक साल पहले 4,781 करोड़ रुपये था। कंपनी ने तिमाही के आखिर में 1,312 स्टोर बनाए, जिसमें 301 वेस्टसाइड आउटलेट, 982 ज़ूडियो स्टोर और दूसरे लाइफस्टाइल फॉर्मेट के 29 स्टोर शामिल थे।

Titan के शेयरों में क्यों आई तेजी?

दूसरी तरफ Titan Share Price में तेजी के पीछे भी तिमाही नतीजे वजह माने जा रह हैं। Titan ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे दिए हैं। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में अपने कंज्यूमर बिजनेस में सालाना आधार पर 41 परसेंट की ग्रोथ रिपोर्ट की है। यह ग्रोथ ज्वेलरी, घड़ियों, आईकेयर और उभरते बिजनेस में मजबूत डिमांड की वजह से हुई। घरेलू बिजनेस 37 परसेंट बढ़ा, जबकि इंटरनेशनल ऑपरेशन 128 परसेंट बढ़े। टाइटन ने तिमाही के दौरान 77 स्टोर भी जोड़े, जिससे उसका कुल रिटेल नेटवर्क 3,680 स्टोर हो गया।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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