कल गजब की तेजी के साथ बंद होने के बाद आज सेंसेक्स 233.32 अंक या 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला। यह 82,297.42 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 62.75 अंक या 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,999.35 पर रहा। निफ्टी पर टॉप गेनर शेयरों में बजाज फिनसर्व, कोल इंडिया, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, बजाज ऑटो शामिल रहे, जबकि टॉप लूजर में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, एसबीआई, इंडसइंड बैंक, इंफोसिस, डॉ रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।
FII की अप्रत्याशित खरीदारी ने बाजार को चौंकाया
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने गुरुवार को मजबूती के साथ रिकवरी दिखाई और लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ बंद हुए। निफ्टी ने लो स्तर से 550 अंकों की तेज उछाल दर्ज की, जिसने बाजार विशेषज्ञों को भी चौंका दिया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा, "जब बाजार आम सहमति के विपरीत तेज गतिविधि करता है, तब उसमें तीव्र उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। निफ्टी में कल की 550 अंकों की छलांग इसी अप्रत्याशित प्रवृत्ति का उदाहरण है।"
उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश विशेषज्ञों की राय थी कि एफआईआई भारत में निवेश कम करेंगे और सस्ते चीनी शेयरों को प्राथमिकता देंगे। इस आशंका के कारण म्यूचुअल फंड्स के कैश होल्डिंग्स में इजाफा और डीआईआई की बिकवाली देखी गई। लेकिन एफआईआई द्वारा ₹5,393 करोड़ की आक्रामक खरीदारी से बाजार को अप्रत्याशित समर्थन मिला।
लार्जकैप शेयरों में शॉर्ट कवरिंग ने बढ़ाया जोश
विजयकुमार का मानना है कि एफआईआई की खरीदारी के चलते लार्जकैप शेयरों में शॉर्ट कवरिंग हुई, जिसने बाजार को ऊपर की ओर धकेला। यदि एफआईआई 'बाय इंडिया' रणनीति को जारी रखते हैं, तो बाजार में आगे और भी सकारात्मक सरप्राइज मिल सकते हैं, हालांकि मूल्यांकन (Valuations) ऊंचे हो सकते हैं जिससे मौलिक समर्थन कमजोर हो सकता है।
बाय ऑन डिप्स की सलाह
रिलायगेर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, "यदि इंडेक्स 25,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है, तो यह 25,400 से ऊपर की ओर जा सकता है। हम अभी भी 'बाय ऑन डिप्स' की रणनीति को उचित मानते हैं, खासकर तब जब कुछ सेक्टर्स ओवरबॉट स्थिति में हैं।"
वैश्विक संकेत भी सकारात्मक
अमेरिकी शेयर बाजार में मिश्रित रुझान रहा, जहां सिस्को सिस्टम्स के सकारात्मक पूर्वानुमान से शेयर में तेजी आई, वहीं यूनाइटेडहेल्थ की गिरावट देखी गई क्योंकि कंपनी के खिलाफ आपराधिक जांच की खबरें सामने आईं।
एशियाई बाजारों में भी अमेरिकी बाजार की मजबूती के चलते सकारात्मक रुझान रहा। ट्रेडर्स ने इस साल फेडरल रिजर्व द्वारा दो ब्याज दर कटौती की संभावना को ध्यान में रखा, जिससे ट्रेजरी बॉन्ड्स में तेजी आई।
कमजोर हुआ सोना, कच्चा तेल चढ़ा
गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। साप्ताहिक आधार पर तेल में 1% से अधिक की बढ़त हुई। वहीं, अमेरिकी-चीन व्यापार रिश्तों में सुधार के चलते ईरानी सप्लाई की चिंता के बावजूद बाजार सकारात्मक रहा।
सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई और यह पिछले छह महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रही है। मजबूत डॉलर और घटती ट्रेड टेंशन के कारण सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग कम हुई।
एफआईआई और डीआईआई दोनों रहे खरीदार
गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹5,392.94 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी ₹1,668.47 करोड़ के शेयर खरीदे। इससे बाजार को और मजबूती मिली।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
