Share Market Today : घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को हरे निशान में कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में Sensex 219 अंक और Nifty 59 अंक तक चढ़े, लेकिन इसके बाद खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई। बाजार ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स 78,248.31 से 78,504.01अंक के आसपास, जबकि निफ्टी 24,423.50 से 24,488.45 अंक के बीच कारोबार कर रहा है। बाजार की इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह हाल के दिनों में आई तेज़ तेजी मानी जा रही है। पिछले कुछ सत्रों में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली और नए संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। यही कारण है कि शुरुआती उत्साह ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।
आईटी और बैंकिंग ने संभाला मोर्चा
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती देखने को मिली। निफ्टी आईटी करीब 1% तक चढ़ा। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया। निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसयू बैंक इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं दूसरी ओर मेटल, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव रहा। इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा बड़े शेयरों में ही खरीदारी कर रहे हैं।
बाजार ब्रेड्थ हुई कमजोर
भले ही कारोबार की शुरुआत में बेंचमार्क, आईटी और बैंकिंग जैसे प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में रहे। लेकिन, मार्केट ब्रेड्थ में कमजोरी साफ दिख रही है। NSE पर 2,788 शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें से 1,120 में खरीदारी और 1,569 में बिकवाली हावी है। यह संकेत देता है कि तेजी पूरे बाजार में नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित है।
ग्लोबल बाजारों से मिला मिला-जुला संकेत
विदेशी बाजारों से भी मिश्रित संकेत मिले। अमेरिकी बाजारों में मजबूती देखने को मिली, जहां नैस्डैक और एसएंडपी 500 बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर एशियाई बाजारों में दबाव रहा। निक्केई, हैंगसेंग, शंघाई और कोस्पी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। गिफ्ट निफ्टी भी लगभग सपाट रहा, जिससे घरेलू बाजार को बहुत मजबूत शुरुआती संकेत नहीं मिले।
कच्चे तेल और रुपये पर नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 72.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में फिलहाल बड़ी तेजी नहीं होने से भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव नहीं दिख रहा है।
क्या दौड़कर थक गया बाजार?
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में है। निवेशक अब कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ सत्रों तक बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। अगर आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार नई ऊंचाई की ओर बढ़ सकता है, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रह सकता है।
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