Share Market Today:शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 617 अंक गिरावट के साथ बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 22,500 अंक के नीचे आ गया। फ्यूचर एंड ऑप्शन में मासिक सौदों के निपटान के बीच कंज्यूमर ड्यूरेबल और चुनिंदा आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया।तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 617.30 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,885.60 अंक पर बंद हुआ। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से सूचकांक कारोबार के दौरान 73,668.73 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।पिछले पांच दिन में सेंसेक्स 1,532 अंक यानी दो प्रतिशत नीचे आया है।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 216.05 अंक यानी 0.95 प्रतिशत टूटकर 22,488.65 अंक पर बंद हुआ। पिछले पांच दिन में निफ्टी 479 अंक टूटा है।
चुनाव नतीजों को लेकर आशंका
आम चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले सतर्क रुख रहे हैं। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार को अमेरिकी बाजार से संकेत मिल रहा है क्योंकि मुद्रास्फीति में तेजी से बॉन्ड प्रतिफल लगातार बढ़ रहा है। इससे केंद्रीय बैंक के नीतिगत दर में कटौती में देरी हो रही है। नायर ने कहा, ‘‘अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले (मिडकैप और स्मॉलकैप) सूचकांकों में गिरावट का रुख बना हुआ है। शनिवार को ‘एग्जिट पोल’ आने के बीच अल्पकालिक स्थिति बनाए रखने में निवेशकों की रुचि कम रही...।’’ दोनों मानक सूचकांक 23 मई को अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये थे। उसके बाद से निवेशकों ने चार जून को आने वाले लोकसभा चुनावों के नतीजों से पहले अनिश्चितता की स्थिति के बीच मुनाफावसूली कर रहे हैं।। उसके बाद से सेंसेक्स और निफ्टी पिछले पांच कारोबारी सत्रों में करीब दो प्रतिशत नीचे आ चुके हैं।
किन शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील, टाइटन, टेक महिंद्रा, विप्रो, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, टाटा मोटर्स और जेएसडब्ल्यू स्टील प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं।सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले पांच कारोबारी सत्रों में गिरावट से निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.21 प्रतिशत नीचे आया जबकि स्मॉलकैप 1.33 प्रतिशत टूटा।
