पिछले सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाला Sensex 1,284.61 अंक चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 256.20 अंक यानी एक प्रतिशत मजबूत हुआ। सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को बाजार में जोरदार तेजी लौटी। इससे निवेशकों के चेहरे खिल गएं। अब सबकी नजर सोमवार से शुरू होने वाले नए सप्ताह पर है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते का ऐलान किया है। इस बड़े घनाक्रम पर बाजार की क्या पतिक्रिया होगी, आइए समझने की कोशिश करते हैं।
Market Expert का कहना है कि अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों के रुख से तय होगी। इसके अलावा रविवार को संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों के रुझान भी घरेलू शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।
थोक महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर
रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर मई माह के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और उसका निर्णय सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके बाद रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता अपेक्षित रूप से सफल नहीं हुआ तो नए हमलों की संभावना बनी रहेगी।
अमेरिका-ईरान समझौते पर नजर
ऑनलाइन ट्रेडिंग और संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा कि बाजार अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़े हर घटनाक्रम पर बेहद संवेदनशील बना रहेगा। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जून के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयरों से 62,853 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौड़ ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की निगाह मानसून की प्रगति और महंगाई की स्थिति पर रहेगी।
उन्होंने कहा कि 16-17 जून को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर भी निवेशकों की नजर है। बाजार भागीदार फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों, महंगाई के दृष्टिकोण, आर्थिक वृद्धि के अनुमान और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के संकेतों पर करीबी नजर रखेंगे।
कच्चा तेल सस्ता हुआ
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।
