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बाजार धड़ाम! Sensex 852 और Nifty 205 अंक फिसलकर बंद, क्यों आई गिरावट?

शेयर बाजार की आज कमजोर शुरुआत हुई है। इसके बाद गिरावट बढ़ती गई। दिन के अंत में Sensex 852 और निफ्टी 205 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

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शेयर बाजार में भारी गिरावट

Share Market Today: ग्लोबल कमजोरी के बीच भारतीय बाजार ने आज गैप डाउन ओपनिंग हुई। इसके बाद लगातार बाजार में कमजोरी बढ़ती गई। दिन के आखिर में सेंसेक्स 852 और निफ्टी 205 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह अप्रैल में लगातार दूसर दिन है, जब बाजार में बड़ी गिरावट आई। दो दिन में निफ्टी जहां 400 अंक फिसल चुका है। वहीं, सेंसेक्स में 1609 अंक टूट चुका है।

इंडेक्सक्लोजिंग लेवलबदलाव% बदलावओपनहाईलोपिछला बंद
BSE Sensex77,664.00-852.49-1.09%77,983.6678,178.5477,574.1878,516.49
NIFTY 5024,173.05-205.05-0.84%24,202.3524,310.2024,134.8024,378.10
आज के सत्र में पूरे दिन बिकवाली हावी रही। जहां Sensex 77,664 के स्तर पर 852 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 1.09% टूटकर बंद हुआ, जबकि NIFTY 24,173 पर 205 अंकों की कमजोरी के साथ 0.84% नीचे फिसल गया। ओपनिंग से ही दबाव में रहे बाजार ने दिनभर रिकवरी की कोशिश की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली लगातार हावी रही, जिससे इंडेक्स अपने लो के आसपास ही बंद हुए। यह साफ संकेत है कि बाजार में फिलहाल सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

ब्रॉड मार्केट में गहराई कमजोरी

आज क्लोजिंग के वक्त ब्रॉड मार्केट पूरी तरह दबाव में रहा, जहां हर सेगमेंट में गिरावट देखने को मिली। NIFTY 100, NIFTY 200 और NIFTY 500 में करीब 0.8–0.9% तक की कमजोरी दर्ज हुई। वहीं NIFTY MIDCAP 100 और NIFTY SMALLCAP 100 भी गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे साफ है कि बाजार की चौड़ाई पूरी तरह कमजोर रही और बिकवाली हर कैटेगरी में फैली रही। India VIX में बढ़त यह दिखाती है कि जोखिम और अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

सेक्टोरल मार्केट में चौतरफा बिकवाली

सेक्टोरल ट्रेंड में आज साफ तौर पर कमजोरी हावी रही, जहां NIFTY AUTO में 2% से ज्यादा की गिरावट और NIFTY PSU BANK में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली। NIFTY PRIVATE BANK और NIFTY IT भी दबाव में रहे। हालांकि इस गिरावट के बीच NIFTY PHARMA और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जो डिफेंसिव सेक्टर में शिफ्ट का संकेत देती है। NIFTY REALTY और NIFTY OIL & GAS भी कमजोरी में रहे।

India VIX: तेजी से बढ़ा डर

आज India VIX 18.59 के स्तर पर 1.58% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जो यह संकेत देता है कि बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। VIX का यह स्तर बताता है कि निवेशक सतर्क हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। आमतौर पर VIX के बढ़ने का मतलब होता है कि बाजार में जोखिम बढ़ रहा है और शॉर्ट टर्म में अचानक तेज गिरावट या रिकवरी दोनों की संभावना रहती है।

पलट गया रुख

अप्रैल में अब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहा। लेकिन, आज क्लियर नेगेटिव ट्रेंड बन गया है। ग्लोबल स्तर पर US-ईरान तनाव और हॉर्मुज से जुड़ी अनिश्चितता के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। तेल की कीमतों में अस्थिरता, बढ़ती वोलैटिलिटी और कमजोर ग्लोबल संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिख रहा है। यही वजह है कि आज बाजार में ओपनिंग से ही चौतरफा बिकवाली हावी है और किसी भी सेक्टर में मजबूत रिकवरी के संकेत नहीं दिख रहे हैं।

क्यों आई गिरावट

शेयर बाजार की गिरावट के पीछे कई बड़े फैक्टर्स एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा दबाव Brent Crude की तेजी से आया है, जो 100 डॉलर के पार पहुंच गया है, वहीं US-ईरान तनाव और Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता ने ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर किया है। इसके अलावा एशियाई बाजारों में गिरावट, US Futures की कमजोरी, रुपये का 94 के पार फिसलना और FII की भारी बिकवाली ने बाजार पर चौतरफा दबाव बना दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली।

1. क्रूड ऑयल की तेजी ने बढ़ाया दबाव : Brent Crude लगातार चौथे दिन बढ़कर 100 डॉलर के पार 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। US-ईरान बातचीत ठप होने और सप्लाई बाधित होने की आशंका से तेल बाजार में तनाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।

2. कमजोर ग्लोबल संकेत : ग्लोबल मार्केट से निगेटिव संकेत मिले हैं। एशियाई बाजारों में Nikkei 225, Hang Seng, KOSPI और Shanghai Composite दबाव में रहे, वहीं US Futures भी करीब 0.75% तक कमजोर दिखे। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया।

3. रुपये में कमजोरी : भारतीय रुपये में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली और यह डॉलर के मुकाबले 94.12 के स्तर तक फिसल गया। बढ़ते क्रूड दाम और विदेशी निवेश की निकासी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।

4. FII की भारी बिकवाली : विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से पैसा निकालना जारी रखा है। एक ही दिन में करीब 2,078 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई, जिससे बाजार में सपोर्ट कमजोर पड़ा और गिरावट तेज हो गई।

5. जियोपॉलिटिकल तनाव : Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और US-ईरान के बीच बातचीत टलने से वैश्विक तनाव बढ़ गया है। इससे सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है, जो निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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