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Share Market: बाजार में हरे निशान की वापसी, सेंसेक्स 360 अंक उछला, निफ्टी 25,100 पार

Share Market Live Updates 12 Sep: बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 367.18 अंक चढ़कर 81,915.91 पर बंद हुआ। यह करीब 0.45 फीसदी की बढ़त है। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 70.50 अंक की मजबूती के साथ 25,076.00 के स्तर पर पहुंच गया, जो 0.28 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।

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शेयर बाजार

Share Market Live Updates 12 Sep: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (12 सितंबर 2025) को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स (Sensex) और एनएसई निफ्टी (Nifty) दोनों में बढ़त देखने को मिली।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 367.18 अंक चढ़कर 81,915.91 पर बंद हुआ। यह करीब 0.45 फीसदी की बढ़त है। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 70.50 अंक की मजबूती के साथ 25,076.00 के स्तर पर पहुंच गया, जो 0.28 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स के कई दिग्गज शेयर हरे निशान में नजर आए। इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक और टाटा मोटर्स प्रमुख लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, एचयूएल और एचडीएफसी बैंक पर दबाव दिखा। कुल मिलाकर, लगभग 1,606 शेयरों में तेजी आई, जबकि 565 शेयरों में गिरावट रही और 181 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए।

रुपए का कमजोर रुख

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ और 7 पैसे फिसलकर 88.42 के स्तर पर पहुंच गया। रुपये पर दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ तनाव की वजह से बना रहा। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.39 पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 88.42 तक चला गया। यह पिछले दिन के मुकाबले 7 पैसे की गिरावट है।

इस फैसले पर है नजर

17 सितंबर को फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी बाजारों में तेजी आई है। हालांकि, इस कटौती के बाद आगे कितनी बार रेट कट होंगे, इस पर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। अमेरिका में महंगाई (इंफ्लेशन) अगस्त में घटकर 2.9% पर आ गई है, लेकिन टैरिफ बढ़ने से आने वाले दिनों में यह फिर बढ़ सकती है। वहीं, बेरोजगारी भत्ते के दावों में इजाफा (लगभग 2,63,000 तक) दिखा रहा है कि अमेरिकी लेबर मार्केट धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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