SEBI Investigating Zee: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के खातों की जांच कर रहा है। सेबी ने जांच में जी के खातों में 241 मिलियन डॉलर (करीब 2000 करोड़ रु) की गड़बड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में मार्केट रेगुलेटर जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEE) के टॉप मैनेजमेंट से पूछताछ करेगा। इसमें कंपनी के जिन अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी, उनमें फाउंडर सुभाष चंद्रा, चीफ एग्जेक्यूटिव और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और बोर्ड के मौजूदा और पुराने सदस्य शामिल हैं। इस खबर से जी के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट भी आई थी। बीएसई पर इसका शेयर 14.77 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुआ था। सेबी को अप्रैल के मध्य तक अपनी जांच पूरी करनी है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू करनी है।
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जी ने रिपोर्ट्स को बताया गलत
जी ने इन रिपोर्टों को गलत बताया है। जी ने कहा है कि अकाउंटिंग मामले से जुड़ी रिपोर्ट और अफवाहें गलत और झूठी हैं। एसएटी के आदेश के अनुसार कंपनी सभी तरह की जानकारी देने की प्रॉसेस में है। सेबी ने भी स्पष्टीकरण मांगा है और कंपनी ने सभी पहलुओं पर पूरा सहयोग दिया है।शेयर पर रहेगी नजर
बुधवार को आई भारी गिरावट के बाद आज गुरुवार को भी जी के शेयर पर नजर रहेगी। बता दें कि पिछले साल जून में सेबी ने शुरुआती जांच में कहा था कि संबंधित पार्टी लेनदेन के जरिए कंपनी से 200 करोड़ रु निकाले गए थे।
इस फैसले को कंपनी ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) के सामने चुनौती दी थी। हालाँकि, सेबी ने बाद में ट्रिब्यूनल को बताया कि इसकी जांच जारी है और इस लेन-देन की कई परतें हो सकती हैं। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार सेबी ने SAT को बताया कि इसने जांच में पाया है कि सुभाष चंद्रा ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन के रूप में 4,210 करोड़ रु का लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया था।
जांच पूरी होने में 8 महीने लगेंगे
सेबी के अनुसार व्यापक जांच पूरी करने में आठ महीने लगेंगे। दरअसल अब सेबी को पता चला है कि लेनदेन बड़ी संख्या में हुई हैं और ये 2,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसमें प्रमोटरों की ओनरशिप, कंट्रोल या अन्यथा संबंधित कंपनियां शामिल हैं।
