SBI Q3 Financial Results: भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने गुरुवार को अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए। बैंक को चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 84% बढ़ोतरी के साथ 16,891 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ। एक साल पहले समान तिमाही में बैंक का प्रॉफिट 9,163 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में इसकी ब्याज इनकम 1,17,427 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 1,06,734 करोड़ रुपये से 10% अधिक है।
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तिमाही आधार पर घट गया प्रॉफिट
हालांकि तिमाही आधार पर एसबीआई का प्रॉफिट घटा है। वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में एसबीआई का प्रॉफिट 18331 करोड़ रु रहा था, जिसके मुकाबले तीसरी तिमाही में प्रॉफिट 8 फीसदी घट गया।
एसबीआई ने ब्याज के रूप में 75,981 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो जुलाई-सितंबर तिमाही में दर्ज 66,918.05 करोड़ रुपये की तुलना में 13% अधिक है।
शेयर में गिरावट बरकरार
आज अधिकतर समय एसबीआई का शेयर दबाव में रहा है। प्रॉफिट में 84 फीसदी की बढ़ोतरी के बावजूद इसका शेयर लाल निशान में है। करीब ढाई बजे BSE पर बैंक का शेयर 9.75 रु या 1.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 756.35 रु पर है।
NPA रेशियो में हुआ सुधार
SBI के NPA रेशियो में सुधार हुआ है। FY25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इसका NPA अनुपात 0.53 फीसदी रहा, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 0.64 फीसदी और FY25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 0.53 फीसदी ही रहा था।
ये हैं बाकी जरूरी आंकड़े
SBI के एम्प्लॉई एक्सपेंस में 17% की गिरावट आई और यह 16,074 करोड़ रुपये रह गया। एसबीआई के घरेलू लोन में साल-दर-साल आधार पर 14.06% की वृद्धि हुई। एसबीआई का Q3FY25 ऑपरेटिंग प्रॉफिट तिमाही आधार पर 20% कम रहा, पोविजन एक साल पहले की तुलना में 911 करोड़ रुपये अधिक रहा, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में कम रहा।
31 दिसंबर, 2024 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो 2.07 प्रतिशत हो गया, जबकि 30 सितंबर, 2024 तक यह 2.13 प्रतिशत था।
